फतेहाबाद। लगातार दो दिनों से हो रही बारिश ने ब्लॉक फतेहाबाद के कई गांवों में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। आधा दर्जन गांवों के तालाब ओवरफ्लो होने से पानी गलियों और घरों में घुस गया, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।सोमवार से जारी बारिश के कारण ब्लॉक क्षेत्र के नाथूपुरा, रैपुरा, जटपुरा, सलेमपुर, मूसेपुरा सहित करीब आधा दर्जन गांवों के तालाब लबालब भरकर ओवरफ्लो हो गए। इसके चलते गांवों की गलियां जलमग्न हो गईं और दर्जनों घरों में पानी भर गया। कई परिवारों का दैनिक जीवन प्रभावित हो गया है। जटपुरा गांव में ग्रामीणों ने गंदे पानी में खड़े होकर विरोध प्रदर्शन किया और प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई। ग्रामीणों का कहना है कि तालाबों की निकासी और जलभराव की समस्या को लेकर कई बार अधिकारियों से शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया।
ग्रामीणों ने बताया कि घरों और गलियों में भरे पानी के कारण सांप, बिच्छू सहित अन्य जहरीले जीव घरों में घुस रहे हैं, जिससे लोगों में भय का माहौल है। कई परिवारों को मजबूरन छतों पर रहना पड़ रहा है और वहीं भोजन बनाने की व्यवस्था करनी पड़ रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द जलनिकासी की व्यवस्था कराने और स्थायी समाधान कराने की मांग की है, ताकि लोगों को राहत मिल सके।
8 घंटे मूसलाधार बारिश से बटेश्वर की सड़कें जलमग्न
बटेश्वर। तीर्थ क्षेत्र बटेश्वर में मंगलवार सुबह से शुरू हुआ मूसलाधार बारिश का दौर शाम तक जारी रहा। प्रातः 7:30 बजे से शाम 3:30 बजे तक हुई इस रिकॉर्ड तोड़ बारिश से पूरा कस्बा जलमग्न हो गया। मनमथ से मुख्य हनुमान गढ़ी प्रवेश द्वार तक की सड़क पूरी तरह पानी में डूब गई, जिससे वाहनों और राहगीरों का आवागमन बुरी तरह प्रभावित रहा। इसके अलावा जैन मंदिर मार्ग, मुख्य मंदिर प्रवेश द्वार और शौरीपुर मार्ग पर भारी जलभराव देखने को मिला। मंदिर दर्शन के लिए आए श्रद्धालुओं को घुटनों के नीचे तक चल रहे पानी से होकर गुजरना पड़ा, वहीं जलभराव में फंसे कई वाहन काफी मशक्कत के बाद बाहर निकल सके। बारिश का पानी मंदिर प्रवेश द्वार के पास लगी अस्थायी दुकानों में भी घुस गया, जिससे दुकानदारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
जलमग्न हुईं बाह-जैतपुर की गलियां
बाह। जैतपुर, बाह क्षेत्र में मंगलवार को दिन भर बादल बरसे। सोमवार आधी रात से मंगलवार शाम तक हुई बारिश ने ग्रामीणों को गर्मी और उमस से राहत दिलाई, वहीं जलमग्न हुए रास्तों ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं। बारिश के चलते भाऊपुरा के उफनाए तालाब का पानी परिषदीय प्राथमिक विद्यालय की देहरी तक भर गया है। फरैरा गांव में पंचायत घर में पानी भर गया है, गलियां जलमग्न हो गई हैं। धनियापुरा में उफनाए तालाब का पानी गलियों तक पहुंच गया है। घरों की देहरी तक भरे पानी से हादसे के खतरे ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। बसंतीपुरा गांव में गलियों में घुटनों तक पानी भरने से ग्रामीण परेशान हैं। पड़कौली गांव में जल भराव ने सफाई की पोल खोल दी है। भारतीय किसान यूनियन (महाशक्ति) की युवा इकाई के जिलाध्यक्ष मोनू शर्मा ने बताया कि उनके संगठन के पदाधिकारियों ने पानी निकासी के लिए नालियों की सिल्ट आदि हटाई, कई बार शिकायत करने के बाद भी ब्लॉक प्रशासन की अनदेखी पर उन्होंने नाराजगी जताई है। बिजौली, धोबई के तालाब का पानी गलियों तक भर गया है। जैतपुर के समाजसेवी कुलदीप भदौरिया ने बताया कि बारिश का पानी भरने से बस्तियों में बेहाल हो गया है।
आंधी-बारिश में विकास खंड कार्यालय में पेड़ टूटकर गिरा
सैंया। सोमवार रात आयी आंधी और वर्षा के दौरान विकास खंड कार्यालय के परिसर में पेड़ टूट कर गिर गया।
पिनाहट बाजार से लेकर गांवों तक जलभराव
पिनाहट। पिनाहट ब्लॉक क्षेत्र में मंगलवार को सुबह से शाम तक हुई लगातार झमाझम बारिश से जनजीवन प्रभावित हो गया। बारिश के चलते खेत-खलिहान और तालाब लबालब भर गए। गांव सेहा, नगला भरी, स्याहीपुरा समेत कई गांवों में तालाब का पानी आबादी तक पहुंच गया, जिससे कई घरों के आसपास जलभराव हो गया। ग्रामीणों को घरों से निकलने और आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं पिनाहट कस्बे के प्रमुख बाजारों और सड़कों पर भी बारिश का पानी भर जाने से राहगीरों और दुकानदारों को दिक्कतें उठानी पड़ीं।
ग्वार-बाजरा की फसल को मिलेगी संजीवनी
इरादतनगर। क्षेत्र में सोमवार रात करीब 9 बजे बाद से शुरू हुई बारिश मंगलवार को भी दिन में रुक-रुक कर जारी रही। लगातार हुई वर्षा से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। क्षेत्रीय किसान बनवारी लाल, भूरी सिंह,महेश चंद आदि ने बताया कि लगातार बारिश से बाजरा, ग्वार और मक्का जैसी खरीफ फसलों को लाभ मिलने की उम्मीद है।