बैठक में अधिकारी और आईएमए के पदाधिकारी
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सर्किट हाउस में मंगलवार को प्रमुख सचिव की इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के साथ मीटिंग में तय हुआ कि निजी अस्पताल 24 घंटे इमरजेंसी सेवाएं देंगे। इसके लिए 30 अस्पताल तय किए गए। इनमें से 10 की सूची जारी कर दी गई है।
इनमें आने वाले हर मरीज की पहले कोरोना जांच कराई जाएगी। रिपोर्ट पॉजिटिव आई तो उसे एसएन भेजा जाएगा। निगेटिव आने पर निजी अस्पताल में ही उपचार चलेगा। कोरोना जांच की रिपोर्ट 24 घंटे में मिलेगी।
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प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा डॉ. रजनीश दुबे और आगरा के नोडल अधिकारी आलोक कुमार ने आईएमए पदाधिकारियों को आने वाले संक्रमण से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा। साथ ही निजी अस्पताल और चिकित्सकों से संकट की इस घड़ी में सहयोग मांगा। मीटिंग में तय हुआ कि निजी अस्पतालों में आने वाले गंभीर मरीजों के टेस्ट एसएन मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में होंगे।
कोरोना मरीजों का भी उपचार होगा : उपाध्याय
आईएमए के निर्वाचित अध्यक्ष डॉ. राजीव उपाध्याय ने बताया कि प्रमुख सचिव के साथ हुई चर्चा में तय हुआ कि निजी अस्पतालों में भी अब कोविड रोगियों का इलाज होगा। इसके लिए पहले टीम अस्पतालों का निरीक्षण करेंगी, फिर उन्हें प्राइवेट कोविड सेंटर बनाया जाएगा। बैठक में कमिश्नर अनिल कुमार, डीएम प्रभु एन सिंह, आईएमए सचिव संजय चतुर्वेदी, पूर्व अध्यक्ष डॉ. आरएस कपूर, सीएमओ डॉ. आरसी पांडेय आदि मौजूद रहे।
बैठक में हुआ तय, मोबाइल लैब से होगा कोविड टेस्ट
1. किसी भी चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मी को बिना रोकटोक पुलिसकर्मी सड़क से आने-जाने देंगे।
2. मेडिकल सेवा से जुड़े प्राइवेट सेक्टर के सभी लोगों के लिए इमरजेंसी पास जारी किए जाएंगे।
3. प्राइवेट अस्पताल में मोबाइल लैब से कोविड टेस्ट होगा। इसके लिए 10 टीमें लगाई जाएं।
स्टाफ को दिया गया इन्फेक्शन प्रिवेंशन प्रशिक्षण
निजी अस्पतालों में गंभीर मरीजों को इलाज के लिए भटकना न पड़े, इसके लिए 10 अस्पतालों के कर्मचारियों को इन्फेक्शन प्रिवेंशन प्रशिक्षण दिया गया है। शासन के निर्देश पर इन अस्पतालों में 24 घंटे इमरजेंसी सेवाएं मिलेंगीं।
इन अस्पतालों में नोडल अधिकारी भीनियुक्त कर दिए गए हैं। यह अन्य अस्पतालों के स्टाफ को भी इलाज के दौरान सावधानी के बारे में प्रशिक्षित करेंगे।
आईएमए के पूर्व अध्यक्ष डॉ. संदीप अग्रवाल ने बताया कि सभी अस्पतालों सेवाएं चल रही हैं, शासन ने अस्पतालों में कोरोना वायरस से बचाव और मरीज के इलाज में क्या सावधानी बरतें, इसका प्रशिक्षण दिया है।
ये हैं 10 अस्पताल
अस्पताल का नाम नोडल अधिकारी
पुरुषोत्तम दास सावित्री देवी कैंसर हॉस्पिटल, सिकंदरा राजीव कुमार
रेनबो हॉस्पिटल, सिकंदरा डॉ. राजीव लोचन शर्मा
हैरिटेज हॉस्पिटल, खंदारी रंजीत कुमार
कृष्णा हॉस्पिटल, खंदारी शुभम गुप्ता
एपेक्स हॉस्पिटल, ट्रांसयमुना कॉलोनी अंकुर यादव
सरकारी नर्सिंग होम, दिल्ली गेट डॉ. वरुण सरकार
पुष्पांजलि हॉस्पिटल, दिल्ली गेट डॉ. आरके शर्मा
कमलेश टंडन नर्सिंग होम, बाग फरजाना गोपाल
लोटस हॉस्पिटल, दीवानी चौराहा दीपक केशवानी
जयदेवी हॉस्पिटल, दिल्ली गेट डॉ. एसएन गुप्ता
एसएन ओपीडी में रेड और ग्रीन लेवल
एसएन मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में चल रही ओपीडी में हर मरीज की स्क्रीनिंग की जा रही है। इसमें रेड ओर ग्रीन लेवल में चिह्नित कर इलाज दिया जा रहा है।
इसमें कोरोना वायरस के लक्षण प्रतीत होने पर रेड लेवल के तहत क्वारंटीन वार्ड में भर्ती किया जाएगा, इनके नमूने लेकर जांच कराई जाएगी। किसी मरीज में कोई लक्षण न होने पर उसे सामान्य वार्ड में भर्ती कर उपचार दिया जाएगा। यहां भी विशेष सावधानी बरती जा रही है। प्राचार्य डॉ. जीके अनेजा ने बताया कि इमरजेंसी में यह व्यवस्था की गई है, चिकित्सकों को स्क्रीनिंग के लिए लगाया गया है।
अलर्ट : संक्रमण बढ़ सकता है, तैयारी रखें
प्रमुख सचिव रजनीश दुबे ने कहा कि जून-जुलाई में संक्रमण विकराल रूप ले सकता है। इसके लिए पहले से ही पूरी तैयारी कर लें। वेंटीलेटर तैयार रखें। टेक्नीशियन व एनेस्थेटिक्स की व्यवस्था कर लें। सभी निजी अस्पताल कोरोना रोगियों के उपचार के लिए तैयार रहें।
अस्पतालों में सुविधाएं बढ़ाएंगे : पचौरी
आईएमए अध्यक्ष डॉ.आरएम पचौरी ने बताया कि भविष्य के लिए आईएमए तैयारियां शुरू करेगा। एल-1 व एल-2 श्रेणी के अस्पतालों में सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी। आगरा जिले के 147 हॉस्पिटलों में इमरजेंसी सेवाएं चालू हैं।
निजी अस्पतालों में हैं 200 वेंटीलेटर
आईएमए के निर्वाचित अध्यक्ष डॉ. राजीव उपाध्याय ने बताया कि संक्रमण बढ़ सकता है, इसके लिए तैयारियां की जा रही हैं। प्राइवेट अस्पतालों में अभी 200 वेंटीलेटर उपलब्ध हैं। इनकी सूची बनाई है। वेंटिलेटर संचालित करने के लिए एनेस्थिसिया विशेषज्ञों की कमी है। इसे भी जल्द दूर किया जाएगा।
एसएन में भर्ती मरीजों के सहयोग के लिए आगे आएं समाजसेवी
प्रमुख सचिव डॉ. रजनीश दुबे और नोडल अधिकारी आलोक कुमार ने एसएन में भर्ती मरीजों को सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए मंगलवार को समाजसेवियों से सहयोग मांगा। संक्रमण पर नियंत्रण के लिए उनसे सुझाव मांगे।
एसएन में भर्ती मरीजों के पौष्टिक भोजन, कपड़े, बिस्तर व ड्रेस आदि की धुलाई के लिए जिम्मेदारियां दी गईं। इनमें भोजन उपलब्ध कराने के लिए पूरन डाबर ने सहमति व्यक्त की जबकि अजय गर्ग लाउंड्री कार्यों का पर्यवेक्षण करेंगे। एसएन में मरीजों को अन्य मदद के लिए हेल्प डेस्क पर एनसीसी के प्रशिक्षित कैडेट्स सेवाएं देंगे।