आगरा। दिवाली के अगले दिन 21 अक्तूबर को स्नान अमावस्या मनाई जाएगी। ये पूजा पितरों को प्रसन्न करने के लिए की जाती है। विधिविधान से पूजन करने पर इससे धन, स्वास्थ्य और संतान की प्राप्ति होती है। श्रीहरि और पितरों के आशीर्वाद से कष्टों से भी मुक्ति मिलती है।
यह कहना है ज्योतिषाचार्य डॉ. अरविंद मिश्रा का। उन्होंने बताया कि 20 अक्तूबर की दोपहर 3:44 बजे से अमावस्या तिथि शुरू हो जाएगी। यह 21 अक्तूबर की शाम 5:45 बजे तक रहेगी। अमावस्या के दिन विशेष स्नान, दान, पूजन और पितृ पूजा करना शुभ होता है।
कार्तिक माह भगवान श्रीहरि विष्णु को अत्यंत प्रिय है। माता लक्ष्मी भी इसी दिन प्रकट हुई थीं। इसके चलते अमावस्या विशेष महत्व रखती है। इस दिन व्रत रखने और पूजन करने से श्रीहरि और पितृ प्रसन्न होते हैं। भगवान और पितर धन-संपत्ति, स्वास्थ्य और संतान सुख की प्राप्ति के लिए आशीर्वाद देते हैं।
कष्ट और अधोयोनि से भी मुक्ति मिलती है। गंगा-यमुना समेत अन्य पवित्र नदियों में स्नान करें। ऐसा नहीं कर पा रहे हैं तो बाल्टी में गंगाजल डालें और फिर उसमें पानी भरकर स्नान करें। स्नान करते वक्त हर-हर गंगे बोलना चहिए। प्रभु श्रीहरि और पितरों को स्मरण करते हुए प्रार्थना करें। साबुन का उपयोग न करें और बचे हुए पानी में वस्त्र न धोएं। ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करना चाहिए।