फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

टमाटर ने बिगाड़ा रसोई का जायका, 80 रुपये किलो पहुंचा भाव, अन्य सब्जियां भी महंगी

Sun, 05 Jul 2020 01:24 PM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
विज्ञापन
टमाटर - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
ताजनगरी में टमाटर की कीमतें आसमान छूने लगी हैं। कुछ ही दिनों में टमाटर थोक में आठ रुपये से बढ़कर 35 रुपये किलो और फुटकर में 80 रुपये किलो तक जा पहुंचा है। स्थानीय आवक खत्म होने के कारण ये हालात हुए हैं। 
विज्ञापन


इस समय आपूर्ति मध्य प्रदेश से हो रही है। आढ़तियों का कहना है कि हाल-फिलहाल कीमतें कम होना मुश्किल हैं। आसपास से आपूर्ति होने में एक माह का समय लग सकता है। इधर, थोक मंडी में टमाटर के भाव रोजाना ऊपर नीचे हो रहे हैं। 


15 दिन पहले 8 रुपये किलो था टमाटर

सिकंदरा सब्जी मंडी के अध्यक्ष संजीव यादव ने कहा कि टमाटर इस समय महंगा है। 15 दिन पूर्व 8 रुपये किलो था। फिर 16 हुआ, अब 35 रुपये किलो हो गया है। पहले मंडी में 20 वाहन टमाटर के आते थे। अब ये संख्या आधी ही है। अन्य सब्जियों के दाम भी दोगुने हो गए हैं। 
विज्ञापन


दाम बढ़ना चिंता का विषय

गृहिणी प्रिया कोहली ने कहा कि पिछले कुछ समय से लगातार बढ़ रही सब्जी एवं टमाटर की कीमतें चिंता का विषय है। हर साल ऐसा ही होता है और इस पर लगाम लगाने का प्रयास विफल हो जाते हैं। 
विज्ञापन

बिगड़ा रसोई का बजट

गृहिणी रेखा मलिक ने कहा कि टमाटर एवं अन्य सब्जियों की बढ़ती कीमत से रसोई का बजट बिगड़ जाता है जिसकी भरपाई के लिए अन्य राशन के समान में कटौती करनी पड़ती है। 

ज्यादातर सब्जियों में होता है प्रयोग

गृहिणी तृप्ति मदान ने कहा कि टमाटर ऐसी सब्जी है जिसका उपयोग हर सब्जी बनाने में होता है। बढ़ती कीमत से इसका इस्तेमाल कम करना पड़ता है जिस से खाने का स्वाद अधूरा रह जाता है। 

15 रुपये था लॉकडाउन में

गृहिणी चंदा तनेजा ने कहा कि रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाली सब्जी में टमाटर आता है, लॉकडाउन के दौरान जो टमाटर 15 रुपये किलो मिल रहा था अब कीमत 80 हो गयी है।

बढ़ती कीमत पर लगाम लगाएं

गृहणी माहिरा ने कहा कि जरूरी समान की बढ़ती कीमत पर लगाम लगाने के लिए सरकार को सख्त कानून बनाने चाहिए और उनका सख्ती से पालन भी सुनिश्चित करना चाहिए। 
 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें