हाईवे पर टोल टैक्स देने के बाद भले ही कुछ ही दूर चलें, लेकिन टैक्स में कोई रियायत नहीं है। नेशनल हाईवे अथारिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) को टोलों के बीच कम से कम 50 से 60 किमी की दूरी का टोल टैक्स देना ही पड़ता है। मगर, आगरा विकास प्राधिकरण द्वारा बनाई जा रही इनररिंग रोड पर ऐसा नहीं होगा। आप प्राधिकरण की सड़क पर जितना चलोगे, उतना ही टैक्स देना होगा। इसके लिए प्राधिकरण हाईटेक बंदोबस्त कर रहा है।
मुख्यमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट में से एक इनररिंग एनएच-2 स्थित कुबेरपुर से ग्वालियर हाईवे के बीच बनाई जा रही है। लगभग 26 किमी लंबा यह सिक्स लेन एक्सप्रेस वे होगा। इस पर दो जगह टोल टैक्स वसूला जाएगा। पहले चरण में कुबेरपुर से फतेहाबाद रोड के बीच 10.9 किमी लंबी सड़क बनाई जा रही है। इस पहले पैच में रहनकलां पर टोल प्लाजा बनाया जाएगा। इस पर कार या हल्के वाहनों से लगभग 17 रुपये टोल टैक्स वसूला जाएगा। जो फतेहाबाद रोड तक के लिए मान्य होगा। इससे आगे यदि वाहन चालकों को जाना है तो अगले टोल प्लाजा पर टोल देना होगा। इनररिंग रोड की दूरी कम होने के बावजूद इस पर दो टोल प्लाजा इसलिए बनाए जा रहे हैं ताकि जो वाहन चालक जितनी सड़क का उपयोग करें, वह उतना ही टैक्स चुकाएं। यदि पूरे मार्ग पर एक टोल प्लाजा होता तो उससे भारीभरकम टोल टैक्स वसूला जाता। फिर चाहे वाहन चालक को एनएच-2 से फतेहाबाद रोड तक ही क्यों न जाना होता, उससे ग्वालियर हाईवे तक का ही टोल वसूला जाता। हालांकि किसी को एनएच-2 से ग्वालियर हाईवे तक जाना है तो वह एक ही जगह टोल दे सकता है।
नोएडा तक का दे सकेंगे टोल
बता दें कि नोएडा से कुबेरपुर तक जेपी ग्रुप ने यमुना एक्सप्रेसवे विकसित किया है। इस पर टोल टैक्स की वसूली जेपी ग्रुप ही करता है। जबकि कुबेरपुर से ग्वालियर हाईवे के बीच एडीए रोड विकसित कर रहा है। मगर, किसी वाहन चालक को ग्वालियर हाईवे से इनररिंग रोड के माध्यम से यमुना एक्सप्रेसवे पर जाना हो तो वह एडीए के ही टोल प्लाजा से नोएडा तक का टोल टैक्स की पर्ची कटवा सकता है। इसके लिए एडीए जेपी ग्रुप से करार करेगा। इसी तरह से एडीए एनएचएआई के साथ भी करार करेगा।
ईटीएमएस से लैस होगा टोल प्लाजा
इनररिंग रोड पर टोल प्लाजा इलेक्ट्रॉनिक टोल मैनेजमेंट सिस्टम (ईटीएमएस) से लैस होंगे। इसके तहत न सिर्फ इलेक्ट्र्रॉनिक बूम होंगे, बल्कि वहां सीसीटीवी से लगे होंगे। पर्ची कटते ही टैक्स से संबंधित जानकारी सिस्टम में फीड हो जाएगी। इतना ही नहीं यहां पर इंटीग्रेटिड हाईवे मैनेजमेंट सिस्टम भी होगा। वहीं, सीसीटीवी कैमरों की मदद से टोल प्लाजा पर हर गतिविधि पर नजर रखी जा सकेगी। इसका एक कंट्रोल रूम एडीए कार्यालय में भी होगा।
वर्जन
हमारा टोल प्लाजा काफी हाईटेक होगा। वाहन चालकों से बेवजह टोल की वसूली नहीं होगी। इसके लिए इनररिंग रोड पर एक के बजाय दो टोल प्लाजा बनाए जाएंगे।
- शिवराज सिंह, चीफ इंजीनियर, एडीए