खाद्य व्यापार समिति के सदस्यों का दावा है कि विधानसभा और लोकसभा चुनाव में मतदान से मतगणना तक की अवधि में ऐसा कभी नहीं हुआ कि उन्हें प्रवेश नहीं दिया गया हो। प्रशासन स्ट्रांग रूम की सुरक्षा के लिए सशस्त्र सुरक्षा बल तैनात करता है, जबकि बाकी हिस्से में पुलिस रहती है।
बैरिकेडिंग कर दी जाए, जिससे कोई भी स्ट्रांग रूम के पास नहीं जा सकेगा। व्यापारी को केवल अपने गोदाम से माल निकालने की चिंता है। पुलिस के सामने ही हम माल निकालेंगे। यह उनकी तकलीफ नहीं, बल्कि जिले के लोगों की मुसीबत बन जाएगी। खाद्यान्न का संकट एक महीने तक झेलना पड़ सकता है।
‘स्ट्रांग रूम में मतपेटियों से हमें कोई लेना देना नहीं। बेरीकेडिंग कर दी जाए, जैसी पूर्व के चुनाव में व्यवस्था रही है। इससे दोनों हिस्से अलग हो जाएंगे। हमें केवल अपने गोदामों से माल निकालना है, अन्यथा आगरा और आसपास के जिलों में खाद्यान्न संकट खड़ा हो जाएगा’
जय प्रकाश अग्रवाल, अध्यक्ष, आगरा खाद्य व्यापार समिति
‘मंडी समिति में 20 साल से मतपेटिकाएं रखी जा रही हैं, लेकिन पहली बार ऐसा हो रहा है कि व्यापारियों को उनके गोदाम तक नहीं जाने दिया जा रहा। डीएम हमारी सुन नहीं रहे तो हम चुनाव आयोग और प्रेक्षक से अपनी बात रखेंगे’
टीएन अग्रवाल, अध्यक्ष, आगरा व्यापार मंडल
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