मैनपुरी। दो दिन तक फसलों को नुकसान पहुंचाने के बाद टिड्डी दल जिले की सीमा से बाहर निकल गया। रातभर कृषि विभाग के अधिकारी दल की तलाश में जुटे रहे। मंगलवार शाम तक टिड्डी दल की सूचना नहीं मिलने पर अधिकारियों ने राहत की सांस ली।
रविवार को टिड्डी दल ने बरनाहल क्षेत्र से जिले में प्रवेश किया था।
इसके बाद दो दिन तक जिले भर के अलग-अलग क्षेत्रों में फसलों को नुकसान पहुंचा। बेवर, किशनी, करहल और घिरोर क्षेत्र में सबसे अधिक टिड्डी का प्रकोप रहा। किसान जहां अपनी फसलों का बचाने के लिए जुटे रहे तो वहीं कृषि विभाग के अधिकारी भी दल के पीछे-पीछे दौड़ते रहे। इसके बाद सोमवार शाम को टिड्डी दल घिरोर क्षेत्र से होते हुए फिरोजाबाद की ओर चला गया था।
इसके बाद भी टिड्डी दल लौट आने की आशंका के चलते कृषि विभाग के अधिकारी और कर्मचारी रात भर अलग-अलग क्षेत्रों में इसकी तलाश करते रहे। तलाश का कारण ये भी था कि अगर कहीं ये दल मिल जाता तो उस पर दवा का स्प्रे कर उन्हें खत्म किया जा सकता था। हालांकि कहीं भी जिले में दल न मिलने पर अधिकारियों ने राहत की सांस ली है।
नुकसान के आंकलन में जुटा विभाग
टिड्डी दल के प्रकोप से किसान फसलों के नष्ट होने की बात कह रहे हैं। इस पर उप कृषि निदेशक डीवी सिंह ने विभागीय कर्मचारियों को अपने-अपने क्षेत्र में नुकसान का आंकलन करने के निर्देश दिए हैं। हालांकि इस समय रबी या खरीफ की मुख्य फसल न होने के चलते बहुत अधिक नुकसान नहीं हुआ है।
जिले की सीमा से टिड्डी दल सोमवार की शाम को ही चला गया था। फिर भी एहतियात के तौर पर कृषि विभाग ने रात में अलग-अलग क्षेत्रों में पेट्रोलिंग कर जानकारी जुटाई। वर्तमान में कहीं भी जिले में टिड्डी की सूचना नहीं है।
डॉ. गगनदीप सिंह, जिला कृषि अधिकारी।