आगरा में सेवला से बिजलीघर आ रहीं सेवानिवृत्त शिक्षिका को दो युवकों ने बेटा बनकर बातों में फंसा लिया। इसके बाद चेन और दो अंगूठी उतरवाकर भाग गए। महिला को कागज की गड्डी थमा दी। पीड़िता ने मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस सीसीटीवी कैमरों की मदद से बदमाशों की पहचान में लगी है।
ताजनगरी निवासी सेवानिवृत्त शिक्षिका चंद्रकांता (66) पत्नी हरी प्रसाद कुछ दिन पहले अपनी रिश्तेदारी में उदयपुर गईं थीं। मंगलवार को आगरा आईं थीं। बस ने सेवला पर उतार दिया। वह बिजलीघर जाने के लिए आटो में बैठ गईं। आटो में पांच लोग पहले से सवार थे। रास्ते में तीन लोग उतर गए। दो युवक उनके बगल में आ गए। वह चंद्रकांता से परिवार की तरह बातचीत करने लगे। बातों में लेकर प्रतापपुरा पर उतार लिया।
एक युवक ने कहा कि वह बैंक में नौकरी करता था। मैनेजर से विवाद हो गया। नौकरी छोड़ आया। मैनेजर ने उसे रुपये दिए हैं। इसके बाद एक गड्डी दिखाई, जिसमें आगे की तरफ एक नोट लगा था। चंद्रकांता से कहा कि मैं आपके बेटे की तरह हूं। यह गड्डी रख लो। दोनों युवक उनके पास अपना बैग रखकर चले गए। 15 मिनट बाद फिर से लौटकर आए।
चंद्रकांता ने बताया कि युवकों ने उनके ऊपर से रुमाल निकाल दिया, जिससे उन्हें होश नहीं रहा। कुछ देर बाद होश आया तो उनकी चेन और दो अंगूठी नहीं थी। उन्होंने शोर मचा दिया। एक राहगीर की मदद से परिजनों को सूचना दी। महिला के बेटे ने थाना सदर में तहरीर दी। इंस्पेक्टर थाना सदर का कहना है कि मुकदमा दर्ज कर लिया है। घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज चेक किए जा रहे हैं।