भूमिगत नाले में फंसते तो नहीं बचती जान
जिस जगह हादसा हुआ, वहां नाला खुला हुआ है। तेज बहाव के बीच अगर युवक भूमिगत नाले तक पहुंच जाते तो निकलना मुश्किल हो जाता। यह नाला 1500 मीटर तक भूमिगत है और झरना नाले तक पहुंचता है। डेढ़ किमी की दूरी में युवकों के बहने पर मुश्किल हो जाती।
नगर आयुक्त निखिल टी. फुंडे ने बताया कि तेज बारिश के कारण नाले से सटे हिस्सों में पानी भर गया, जो बाद में निकल गया। लोग भी सावधान रहें। नगर निगम जहां पर नाले टूटे हैं, उन जगहों पर बेरीकेडिंग करा रहा है। काजीपाड़ा नाला, ताजगंज नाले में लोगों की शिकायत पर बेरीकेडिंग कराई है, ताकि हादसे न हों।
मेयर नवीन जैन ने कहा कि बहुत तेज बारिश में पानी निकलने में समय लगता है। इसलिए जब बारिश हो तो संभल कर चलें। सावधानी बरतें ताकि नालों में न गिरें। अभिभावक भी इस बात का ख्याल रखें।
नाऊ की सराय की पार्षद मिथिलेश ने कहा कि आरसीसी का नाला बनाने के लिए मैंने कई प्रस्ताव लगाए हैं, लेकिन उसे द्वेषवश पास नहीं किया जा रहा। 98 लाख रुपये का प्रस्ताव था। नाले की दीवार बार बार गिर रही है। इसी वजह से हादसा हुआ।
टेढ़ी बगिया के यशपाल सिंह ने कहा कि कालिंदी विहार 100 फुटा रोड का नाला कई जगह टूट गया है। भूमिगत नाला चोक है, जिससे पानी सड़क पर भरता है। इसी वजह से हादसा हुआ। यमुनापार के साथ भेदभाव हो रहा है। नाले का निर्माण न हुआ तो हजारों लोग प्रदर्शन के लिए तैयार हैं।