जानकीर होते ही थानाध्यक्ष सैंया, क्षेत्राधिकारी खेरागढ़ मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने ग्रामीणों के सहयोग से रस्सी डालकर कुएं से तीनों युवकों को निकाला। इनमें भोलू व लखन की मौके पर ही मौत हो गई थी। जबकि पप्पू को परिजन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर गए। जहां से उसे एसएन इमरजेंसी रेफर कर दिया। वहां उपचार के दौरान उसकी भी मौत हो गई। तीनों युवकों की मौत से गांव में कोहराम मच गया।
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परिजनों ने दोनों मृतक युवकों भोलू व लखन के शव को हाईवे पर रखकर जाम लगा दिया। परिजन पुलिस की कोई बात सुनने को तैयार नहीं थे। घरवाले गांव के ही कुछ लोगों के खिलाफ मारपीट व युवकों की हत्या का मुकदमा दर्ज कराने की मांग कर रहे थे। मौके पर जिला पंचायत सदस्य के पति अरुण कंसाना भी पहुंचे।
उन्होंने आक्रोशित ग्रामीणों को समझाया। तीनों युवकों के परिजन घटना के लिए गांव के ही दूसरे पक्ष को जिम्मेदार मान रहे थे। पुलिस के समझाने पर दोपहर तक जब लोग नहीं मानें, तो दोपहर करीब 12 बजे पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर शव गाड़ी मे रखकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक भोलू के पिता हाकिम सिंह ने मामले मे गांव के ही अंतराम, अरविंद व अन्य छह लोगों के खिलाफ मारपीट कर तीनों युवकों को कुंए मे ढकेलने की तहरीर दी है।
एसपीआरए पश्चिमी रवि कुमार ने बताया कि कुएं की सफाई के लिए उतरे तीन युवकों की जहरीली गैस की चपेट मे आने से मौत हुई। परिजनों ने तहरीर दी है। मामले की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पानी की निकासी का चल रहा है विवाद
ग्रामीणों ने बताया कि पूर्व में गांव के पानी की निकासी का पीड़ित पक्ष का गांव के ही अंतराम पक्ष से विवाद चल रहा था। गांव के बाहर अंतराम पक्ष का खेत है। गांव का बरसों से इन्हीं खेतों मे जा रहा था। दो जून को अंतराम पक्ष ने खेत में मिट्टी डालकर पानी रोक दिया था। पानी रोकने से गलियों मे पानी भर गया था। तब पुलिस ने मौके पर पहुंचकर समझौता कराया था। इस संबंध में हाकिम सिंह व अन्य ग्रामीण तहसील खेरागढ़ भी गए थे।
पानी कुएं में डालने की बनाई थी योजना
तीनों युवक गलियों के पानी को कुएं में डालने की योजना बनाई थी। इसके लिए कुएं में पड़े पत्थरों को बाहर निकलने के लिए वे उतरे थे। इसी दौरान यह हादसा हो गया।