पुलिस ने आर्म्स एक्ट की धाराओं में उन्हें जेल भेज दिया है। आरोपियों ने बताया कि ये माल उन्होंने 1.45 लाख रुपये का खरीदा था, जिसे वह 2.5 लाख रुपये में बेचने वाले थे। पकड़े गए आरोपी पहले भी इसी तरह से तस्करी करते रहे हैं।
अब पुलिस को हथियार बनाने वाले ‘चचा’ की तलाश
अवैध असलहा तस्करों से पुलिस को काफी जानकारियां मिली हैं। जिनका पुलिस ने खुलासा नहीं किया गया है। लेकिन तस्करों से हुई पूछताछ में सामने आया है कि दिल्ली के तस्कर इन हथियारों की खरीद भरगैन के ‘चचा’ से करके लाए थे। जिनका नाम वह नहीं जानते हैं।
पुलिस के लिए अब यह ‘चचा’ शब्द बड़ी पहेली बन गया है। तस्कर माल की खेप लेकर भुगतान अदा करने के बाद चले जाते थे। ‘चचा’ के बारे में पुलिस ने पकड़े गए तस्करों से काफी जानकारी जुटाने की कोशिश की।
बिल्कुल फैक्टरी मेड की तरह लग रहे थे असलहा
पुलिस के द्वारा जो पांच देसी पिस्टल बरामद की गईं वे 32 बोर की थीं। यह पिस्टल इतनी साफ सुथरी बनी हुई थीं जो बिल्कुल फैक्टरी मेड लग रहीं थीं। 315 बोर के जो तमंचे तस्करों से बरामद हुए वे तमंचे भी काफी छोटे साइज के थे। आमतौर पर बरामद होने वाले तमंचों का साइज काफी बड़ा रहता है। ये सभी तमंचे 315 बोर के थे।