आगरा में थाना खंदौली क्षेत्र के ग्राम उजरई पर स्थित इंडियन ऑयल के पेट्रोल पंप पर साइनबोर्ड साफ कर रहे तीन मजदूरों की करंट से मौत हो गई। तीनों मजदूर ओडिशा के रहने वाले थे और मुंबई की एक कंपनी के लिए काम करते थे। तीनों को कंपनी ने आगरा में साइनबोर्ड की मरम्मत के लिए भेजा था। हादसे में मृतकों के शव बुरी तरह जल गए। इसे देखकर राहगीर भी दहशत में आ गए।
बता दें कि खंदौली क्षेत्र के गांव उजरई में शहीद धर्मवीर पेट्रोल पंप नाम से इंडियन ऑयल कारपोरेशन (आईओसी) का पेट्रोल पंप है। बताया गया है कि आईओसी ने अपने पेट्रोल पंप पर लगे ग्लोसाइन बोर्ड के रखरखाव के लिए मुंबई की कंपनी ग्लोसी इंटरप्राइजेज को ठेका दे रखा है। रविवार को ग्लोसी कंपनी में काम करने वाले मजदूर कंपनी की गाड़ी से उजरई के शहीद धर्मवीर सिंह पेट्रोल पंप पर ग्लोसाइन बोर्ड टावर की साफ-सफाई के लिए आए थे।
सोमवार सुबह वे बोर्ड की सफाई का कार्य कर ही रहे थे कि कर्मचारी रिंकू (30), जीतू और विचित्र ने लोहे की सीढ़ी दूसरे ओर ले जाने के लिए उठाई। तीनों ही ओडिशा के जिला गंजम में थाना वुभंडा के चूड़ियापुर गांव के रहने वाले थे। बताया गया है कि जब ये लोग सीढ़ी को ले जा रहे थे तो इसी दौरान ये सीढ़ी पास में ही गुजर रहे हाईटेंशन लाइन के संपर्क में आ गई।
इससे सीढ़ी में हाईपावर करंट दौड़ गया और सीढ़ी पकड़ कर नीचे खड़े तीनों मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई। यह देख पेट्रोल पंप और आसपास हड़कंप मच गया। हादसे के बाद कर्मचारियों की मदद के बजाय पेट्रोल पंप के कर्मचारी पंप बंद कर मौके से भाग गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने लाइन को बंद कराकर शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
पंप स्वामी ने नहीं दी थी विद्युत विभाग को सूचना
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हादसे की जानकारी होते ही एसपीआरए अखिलेश नरायण, सीओ अतुल कुमार, एसडीएम श्यामलता आनंद, विद्युत विभाग के एक्सईएन राजवीर सिंह, एसडीओ प्रयाश शाहू मौके पर पहुंच गए। एसपीआरए अखिलेश नरायन का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। दोषी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
मामले में एक्सईन राजवीर सिंह का कहना है कि काम कराने से पहले पंप स्वामी ने विभाग से कोई एनओसी नहीं ली थी। इसकी वजह से हादसा हुआ है। पंप स्वामी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
बाल-बाल बच गया पूर्णा
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बताया गया है कि पेट्रोल पंप पर काम कर रहे मुंबई की कंपनी के पांच कर्मचारियों में से गाड़ी के चालक उत्तम सिंह को छोड़ कर बाकी पूर्णा, रिंकू, विचित्र और जीतू ग्लोसाइन बोर्ड को साफ कर रहे थे। चारों ही लोग लोहे की सीढ़ी को लगा रहे थे। अचनाक पूर्णा गाड़ी पर पानी का बटन बंद करने चला गया। दो कदम ही चल पाया था कि हादसा हो गया और तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।