नाले के ऊपर पिलर खड़े कर तीन मंजिला भवन का निर्माण करा लिया गया। बीते साल 25 अप्रैल को की गई शिकायत पर नगर निगम की टीम मौके पर पहुंची थी और पिलर पर निशान लगाकर तोड़ने के निर्देश दिए थे। एक साल का समय बीतने के बाद बुधवार को नगर निगम की टीम पहुंची और लोहे के जाल ही हटाकर चली आई।
आगरा के राजनगर में नाले पर पिलर खड़े कर तीन मंजिला मकान बना लिया गया। हाईकोर्ट में चल रहे मामले में नगर निगम ने बुधवार को अवैध निर्माण ढहाने पर सहमति दी लेकिन बुधवार को जब टीम पहुंची तो नाले पर लगे लोहे के जाल और एक फुट तक फर्श तोड़कर चली आई। अवैध निर्माण हटाने के लिए टीम ने निर्माणकर्ता को 15 दिन का समय दिया। पार्षद हेमंत प्रजापति ने नगर आयुक्त से नगर निगम अधिकारियों की मिलीभगत होने और भ्रष्टाचार की शिकायत की है।
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पार्षद ने बताया कि राजनगर लोहामंडी निवासी जगदीश ने नाले के ऊपर पिलर खड़े कर तीन मंजिला भवन का निर्माण करा लिया। बीते साल 25 अप्रैल को की गई शिकायत पर नगर निगम की टीम मौके पर पहुंची थी और पिलर पर निशान लगाकर तोड़ने के निर्देश दिए थे। एक साल का समय बीतने के बाद बुधवार को नगर निगम की टीम पहुंची और लोहे के जाल ही हटाकर चली आई।
पार्षद ने वीडियो बनाकर नगर आयुक्त को शिकायती पत्र दिया है। नगर निगम के प्रवर्तन अधिकारियों ने 15 दिन का समय निर्माणकर्ता जगदीश को खुद ही अवैध निर्माण तोड़ने के लिए दिया है। निगम की टीम ने इसके बाद नगला बूढ़ी से जीवन ज्योति अस्पताल तक अतिक्रमण हटाने के लिए मुनादी कराई और दो दिन का समय दिया।