आगरा के इनर रिंग रोड, आगरा-ग्वालियर और आगरा-अलीगढ़ हाईवे के लिए जमीन अधिग्रहण के बाद मुआवजा न मिलने पर किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। गुस्साए सैकड़ों किसानों ने बुधवार को जिलाधिकारी कार्यालय के सामने गेट पर चार घंटे तक विरोध प्रदर्शन किया। प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। इसके बाद कलेक्ट्रेट से जिलाधिकारी आवास तक किसान तांगे से ज्ञापन देने पहुंचे।
किसानों ने अपनी मांगों को लेकर कड़ी धूप में धरना दिया। अधिकारियों के आश्वासन पर वे धरने से हटे। एक प्रतिनिधिमंडल जिलाधिकारी से मिला, उन्हें 11 सूत्रीय मांग का ज्ञापन सौंपा। भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक का तहसील सड़क से कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च प्रस्तावित था। पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा कारणों से उन्हें मार्च निकालने नहीं दिया। किसानों ने विभिन्न विभागों से संबंधित लंबित मांगों के समाधान की मांग की। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष हरनाम सिंह वर्मा ने बताया कि ग्वालियर नेशनल हाईवे के लिए सदर, खेरागढ़ और फतेहाबाद के किसानों की जमीन अधिग्रहित की गई है।
एनएचएआई ने निर्माण कार्य शुरू कर दिया है, लेकिन मुआवजा नहीं दिया गया। इनर रिंग रोड के तीसरे चरण के लिए अधिग्रहित ककुआ के किसानों को भी मुआवजा नहीं मिला है। किसान पिछले छह महीने से तहसीलों के चक्कर काट रहे हैं। जिलाध्यक्ष दीपक तोमर कहा कि फतेहाबाद के पारोली सिकरवार में चकबंदी अनियमितता बरती जा रहीं है। किसान चाहते है चकबंदी न हो उसे रोक दिया जाए। उन्होंने भूमि विकास बैंक की अनैतिक ब्याज से कुर्की गई जमीन मुक्त कराने को कहा। इस दौरान दिगंबर सिंह, किशन सिंह नेताजी, प्रशांत अग्रवाल, जवाहर सिंह, राजकुमार तोमर, मान सिंह, जगवीर, मदन मौर्य, सतेंद्र, राम प्रकाश, अतर सिंह, योगेश चौधरी व अन्य किसान मौजूद रहे।