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आगरा: 95 लाख की चरस के साथ तीन आरोपी गिरफ्तार, नेपाल-अफगानिस्तान से जुड़े तस्करी के तार

Sun, 06 Mar 2022 02:39 PM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला नेटवर्क, आगरा

सार

आगरा पुलिस और कानपुर एसटीएफ ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए तीन तस्करों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से करीब 19 किलो चरस बरामद हुई है, जिसकी कीमत 95 लाख रुपये बताई गई है। 
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चरस तस्करी में पकड़े तीन आरोपी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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नेपाल से बिहार होते हुए चरस की तस्करी बसों में आगरा और आसपास के जिलों में तस्कर कर रहे हैं। 95 लाख की चरस शनिवार रात को आगरा लाई गई थी। एसटीएफ और छत्ता पुलिस ने वाटर वर्क्स पर बस को रोककर दो तस्करों को गिरफ्तार कर लिया। बाद में डिलीवरी लेने आया युवक भी पकड़ा गया। उनसे 18.980 किलोग्राम चरस बरामद कर ली गई। पुलिस चरस भेजने वाले नेपाल के सरगना के बारे में जानकारी जुटा रही है।

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एसपी प्रोटोकॉल शिवराम यादव ने बताया कि नेपाल से चरस की तस्करी हो रही है। बिहार, गोरखपुर, लखनऊ और कानपुर होते हुए आगरा लाई जा रही है। आरोपियों में फिरोजाबाद के रामगढ़ स्थित मदीना कालोनी निवासी इंतजार, बिहार के मोतीहारी में मौजा रकसौल निवासी कृष्णा कुमार और आदित्य कुमार शाह हैं। तस्करों से 18.980 किलोग्राम चरस बरामद हुआ। 

पुलिस ने तीनों आरोपियों को जेल भेजा 

आरोपियों से रोडवेज की चार टिकट, 1150 रुपये और एक मोबाइल की भी बरमादगी की गई। चरस की कीमत अंतराष्ट्रीय बाजार में 95 लाख रुपये है। आरोपियों को कोर्ट के आदेश पर जेल भेजा गया है। पुलिस टीम में थाना छत्ता के प्रभारी निरीक्षक शेर सिंह, एसटीएफ कानपुर यूनिट के निरीक्षक शैलेंद्र कुमार सिंह, थाना छत्ता के एसआई शैलेंद्र सिंह चौहान, सिपाही प्रदीप शामिल रहे।

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पुलिस की पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने बताया कि सरगना नेपाल के वीरगंज का रहने वाला सलीम है। वह बिहार के मोतिहारी तक चरस लेकर आता है। बस अड्डे पर चरस पहुंचाने के बाद चला जाता है। इसके बाद तस्कर बिहार से बैग में चरस लेकर चलते हैं। सरगना इन तस्करों को अपने अलग-अलग नाम बताता है। 

अन्य तस्कर बस में सफर करते हैं, जिससे पुलिस पकड़ न सकें। खुद को यात्री की तरह दर्शाते हैं। बैग भी छोटे होते हैं। गोरखपुर, लखनऊ के रास्ते आगरा और उसके आसपास के जिलों में चरस की सप्लाई की जाती है। चरस ले जाने के बाद गैंग के सदस्य फुटकर में बिक्री करते हैं।

अफगानिस्तान से भी कनेक्शन

पहले तस्कर हिमाचल प्रदेश से चरस लेकर आते थे। मगर, कसौल में नारकोटिक्स टीम ने सख्ती कर दी है। इसलिए तस्कर नेपाल से चरस लेकर आ रहे हैं। नेपाल में चरस अफगानिस्तान के रास्ते आ रही है। यह चरस तस्करों को सस्ती भी पड़ रही है। पर्यटक बनकर नेपाल से तस्कर चरस लेकर आसानी से आ रहे हैं। 

सप्लायरों की तलाश में जुटी पुलिस 

आरोपियों से पूछताछ में चरस की बिक्री करने वाले और भी लोगों के नामों के बारे में पता चला है। इस पर पुलिस इनके बारे में भी जानकारी जुटा रही है। 
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