मैनपुरी जिले के गांव करीमगंज में बुखार का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा। शुक्रवार को बुखार से पीड़ित गांव की तीन मरीजों की मौत हो गई। इससे गांव में मरने वालों की संख्या 17 हो गई है। 400 से ज्यादा लोग बीमार हो चुके हैं। यह आंकड़ा एक महीने का है। बुखार के मरीजों का उपचार सरकारी और निजी अस्पतालों में चल रहा है।
शुक्रवार सुबह करीमगंज निवासी 75 वर्षीय संतकुमार की मौत हो गई। परिजनों के अनुसार वह पिछले एक सप्ताह से बुखार से पीड़ित थे। 55 वर्षीय मनोज कुमारी पत्नी राजाराम पाल मैनपुरी के एक निजी अस्पताल में इलाज करवा रही थी। शुक्रवार सुबह उनकी भी मौत हो गई। 55 वर्षीय मलखान सिंह पिछले कुछ दिनों से बुखार से पीड़ित थे। वह फर्रुखाबाद के एक निजी अस्पताल में इलाज करवा रहे थे। शुक्रवार दोपहर उन्होंने भी दम तोड़ दिया।
अस्थाई अस्पताल में 18 मरीजों को दिया उपचार
करीमगंज में एक महीने के अंदर पांच सौ के करीब बुखार के मरीज मिल चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग गांव के परिषदीय स्कूल में अस्थाई अस्पताल संचालित कर मरीजों को इलाज दे रहा है। शुक्रवार को यहां 18 मरीजों का इलाज किया गया। 15 मरीजों की सीबीसी जांच कराई गई। यहां डॉ. पपेंद्र कुमार, डॉ. आनंद किशोर, रवींद्र सिंह गौर, सर्फराज, मुकेश यादव, अभिषेक यादव आदि लोग मौजूद रहे।