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ट्रिपल मर्डर: घर के जिस आंगन में पले-बढ़े, साथ मिलकर मनाई होली और दिवाली, वो अपनों के खून से हुआ लहूलुहान

Wed, 26 Jul 2023 06:49 PM IST
Digvijay Singh अमर उजाला नेटवर्क, आगरा

सार

कागारौल के गांव गढ़ी कालिया में मंगलवार की सुबह बंटवारे की पंचायत में खूनखराबा हो गया। संपत्ति के बंटवारे को लेकर भाइयों और पिता में विवाद इतना बढ़ा कि तीन भाइयों ने पिता और दो भाइयों को कुल्हाड़ी और तलवार से काट डाला।
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Agra triple murder - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश के आगरा के कागारौल थाना क्षेत्र में मंगलवार की सुबह भाइयों में जमीन के एक टुकड़े को लेकर हुए खूनी संघर्ष के दौरान दो भाइयों की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि पिता को गंभीर हालत में उपचार के लिए भेजा गया जहां अस्पताल में उनकी भी मौत हो गई। घटना वाले घर में हाहाकार मचा हुआ है। मौके पर बड़ी संख्या में फोर्स मौजूद है। 

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दरअसल जमीन के एक टुकड़े को लेकर हत्यारों ने पिता और दो सगे भाइयों को मौत के घाट उतार दिया। वारदात को अंजाम देने के बाद हत्यारे मौके से फरार हो गए। घटना की सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस के भी मंजर देख सहम गई। घर में चारों तरफ खून बिखरा पड़ा था। घर में सिर्फ एक महिला थी, जिसने कमरे में अपने आप को बंद कर जान बचाई और पुलिस को 112 पर सूचना दी थी। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

कागारौल के गांव गढ़ी कालिया में मंगलवार की सुबह बंटवारे की पंचायत में खूनखराबा हो गया। संपत्ति के बंटवारे को लेकर भाइयों और पिता में विवाद इतना बढ़ा कि तीन भाइयों ने पिता और दो भाइयों को कुल्हाड़ी और तलवार से काट डाला। दो भाइयों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि पिता की एसएन मेडिकल कॉलेज में मौत हो गई। घटना की जानकारी पर पुलिस आयुक्त सहित कई थानों की फोर्स पहुंच गई। 

सांसद राजकुमार चाहर के पैतृक गांव गढ़ी कालिया में खूनखराबा यूं ही नहीं हुआ। पुलिस का कहना है कि तीनों भाइयों ने हत्याकांड की साजिश पहले से ही रच रखी थी। वारदात के वक्त घर में केवल एक महिला मौजूद थी, अन्य परिजन नहीं थे। तिहरे हत्याकांड की घटना से गांव वाले सकते में हैं। राजेंद्र सिंह का घर गांव में मुख्य आबादी से कुछ दूरी पर है। यही कारण है कि घटना की जानकारी गांववालों को पुलिस के पहुंचने पर हो सकी। गांव में चर्चा है कि हत्यारोपी भाइयों ने पहले ही बोल दिया था कि बंटवारा बराबर नहीं हुआ तो फैसला मौके पर ही होगा।
 

सत्यप्रकाश उर्फ करुआ अविवाहित है। वह सबसे ज्यादा विरोध कर रहा था। छानबीन में जुटी पुलिस को पता चला है कि करुआ, भानुप्रताप और हरवीर ने पिता से साफ बोल दिया कि जमीन तो बराबर-बराबर बांटनी पड़ेगी। जबकि पिता राजेंद्र का कहना था कि हम मथुरा में रहते हैं। हमारी देखभाल करने वाले दोनों बेटों के लिए ढाई बीघा जमीन रखी है। लेकिन तीनों भाइयों को यह बात खल रही थी। उनका कहना था कि ढाई बीघा जमीन का भी बंटवारा किया जाएगा।

 
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जहां बचपन में साथ खेले, वहीं खेली खून की होली
हत्याकांड के बाद गांव में सन्नाटा पसरा है। गांवों में चर्चा थी कि पांचों भाइयों का बचपन यहां घर और खेतों में खेलते-कूदते बीता था। राजेंद्र सिंह ने सपने में भी नहीं सोचा होगा कि जिन बेटों में आपस में कभी इतना प्रेम था, वह एक दूसरे की जान के दुश्मन बन जाएंगे। 
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