गांव जाजऊ मं तैनात पुलिस फोर्स
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रविवार सुबह पूर्व प्रधान के पुत्र अनिल सिंह व फौजी ललित सिंह घर में बैठे थे। तभी महेंद्र सिंह, उसके भाई हाकिम सिंह, मुकेश और परिवार के सचिन, बलवीर सिंह, ढोलू, विजय कुमार, सुरेश आ गए। इन लोगों ने गालियां देते हुए अनिल और ललित पर हमला कर दिया।
होमगार्ड महेंद्र सिंह ने अपनी लाइसेंसी रायफल से अनिल व ललित को गोली मार दी। अनिल के पेट में व ललित के सीने में गोली लगी। बीचबचाव करने आए पड़ोसी गंगा सिंह भी घायल हो गए। अस्पताल ले जाते समय अनिल और ललित की मौत हो गई।
हमलावर महेंद्र सिंह की मां अतरी देवी (80) की भी लाठी-डंडे के हमले में मौत हुई है। उधर, आरोपी होमगार्ड महेंद्र सिंह का परिवार घरों पर ताले लगाकर भाग निकला, गांव में तीन मौतों के बाद सन्नाटा पसरा हुआ है।
घटनास्थल पर पुलिस अफसर
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ताबड़तोड़ फायरिंग में अनिल व फौजी ललित की हत्या के बाद गांव की गली में खून ही खून बिखरा दिखाई दिया। खून के धब्बे देखकर ही वारदात का अंदाजा लगाया जा सकता है कि विपक्षियों ने किस तरह से दोनों भाइयों को मौत के घाट उतारा है।
घटना की जानकारी मिलने के बाद मौके पर एसएसपी अमित पाठक, एसपीआरए अखिलेश नारायण, क्षेत्राधिकारी नम्रता श्रीवास्तव फोर्स के साथ पहुंचे। पुलिस अफसरों ने घटनास्थल पर जांच पड़ताल कर ग्रामीणों से जानकारी जुटाई।
शुक्रवार को ही छुट्टी आया था ललित
मामूली से विवाद के बाद फायरिंग में मारे गए फौजी ललित सिंह वर्तमान में दिल्ली में तैनात था। वो शुक्रवार को ही अवकाश लेकर घर आया था। दोनों भाइयों की हत्या के बाद परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों का रो रोकर बुरा हाल था।
फायरिंग कर दोनों भाइयों को मौत के घाट उतारने वाला आरोपी होमगार्ड महेंद्र थाना सीकरी में ही तैनात है। ग्रामीणों ने बताया कि महेंद्र की मां अतरी देवी की मौत भी झगड़े के दौरान चले लाठी लगने से हुई है, वहीं परिवार की कुछ युवतियां भी घायल बताई गई हैं।