इस गांव में डेंगू का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। 50 से अधिक मरीज मथुरा के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती हैं। मुकेश की पुत्री गौरी (12 वर्ष), माधुरी (आठ वर्ष), भारत का पुत्र धर्मवीर बीमारी के चलते विभिन्न अस्पतालों में अपना इलाज करा रहे हैं। पूर्व प्रधान प्रतिनिधि दलवीर सिंह उर्फ भूरा ने बताया कि गांव में बहुत तेजी से डेंगू फैल रहा है। स्वास्थ्य विभाग की टीम केवल औपचारिकता निभा रही है। एक दो नाली में दवा का छिड़काव कराया जा रहा है।
महावन में मच्छरों का प्रकोप, डेंगू व मलेरिया ने पसारे पैर
बारिश के चलते महावन कस्बे में जगह-जगह जलभराव हो रहा है। मच्छरों के पनपने से डेंगू व मलेरिया पैर पसार रहा है। घर-घर मलेरिया के मरीजों की चारपाई बिछी हैं। स्वास्थ विभाग के अधिकारी इस ओर ध्यान नही दे रहे है। भाजपा नेता कृष्ण मुरारी प्रोहित , नीतेश अग्रवाल , सुदर्शन शर्मा , पारस अग्रवाल ने जिलाधिकारी को भेजे पत्र में कस्बे के हर मोहल्ले में दवा का छिड़काव कराये जाने की मांग की है।
जिंदगी से खेल रहे झोलाछाप, विभाग ने आंखें मूंदी
पिछले दो माह से बुखार लोगों का पीछा नहीं छोड़ रहा है। टायफाइड, मलेरिया व डेंगू ने लोगों को जकड़ रखा है। तबीयत बिगड़ने पर मरीज मथुरा, अलीगढ़, आगरा तक इलाज के लिए दौड़ रहे हैं। नौहझील व आसपास के इलाके में डेंगू ने पैर पसार रखे हैं। लेकिन स्वास्थ्य विभाग डेंगू के प्रति लापरवाही बरत रहा है। क्षेत्र में झोलाछापों ने दुकानें सजा ली हैं। जो डेंगू के इलाज के नाम पर लोगों की जिंदगी से खेल रहे हैं।
सीएचसी प्रभारी डॉ. शशि रंजन ने लोगों से अपील की है कि प्लेटलेट्स कम होने, चक्कर आने, उल्टी, बुखार, दस्त होने पर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर इलाज करायें। स्वास्थ्य केंद्र पर डॉक्टरों व दवा सहित इलाज की अच्छी व्यवस्था है। झोलाछापों से इलाज न करायें। इन लक्षणों से यह निश्चित नहीं है कि डेंगू है।