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अंतर्राष्ट्रीय रंगमंच महोत्सवः करीब से देख पाएंगे अन्य देशों की संस्कृति, नई भाषा की संवेदनशीलता करेगा समृद्ध

Thu, 09 Mar 2023 09:37 AM IST
भूपेन्द्र सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा

सार

ताजगनरी आगरा में तीन दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय रंगमंच महोत्सव का आयोजन होने जा रहा है। इसमें दूसरें देशों के ख्यातिलब्ध कलाकार अपने अभिनय से वहां की कला, संसकृति, राजनातिक परिदृश्य को नाट्य रुपांतरित करंगे। यह आयोजन सूरसदन में किया होगा। 
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आगरा में अंतर्राष्ट्रीय रंगमंच महोत्सव का आयोजन - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश के आगरा में पहली बार अंतर्राष्ट्रीय रंगमंच महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इसमें दूसरे देशों के ख्यातिलब्ध कलाकार हिस्सा लेंगे। यह आयोजन तीन दिन तक चलेगा। इसका उद्देश्य रंगमंच की कला के प्रति वैश्विक सहानुभूति और सराहना विकसित करना है।

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आगरा स्थित सूरसदन में 12 से 15 मार्च तक रंगमंच महोत्सव आयोजित होगा। इसके तहत दो देशों के बीच सांस्कृतिक संबंध विकसित करने को रंगलोक सांस्कृतिक संस्थान, आगरा और भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद के सहयोग से इसे आयेजित किया जाएगा। यह दो देशों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर होगा।  इसमें थिएटर के माध्यम से किसी देश की संस्कृति से रूबरू होने का मौका मिलेगा। 

नई भाषाओं के प्रति लोगों की संवेदनशीलता करेगा समृद्ध

कला जगत को जानने वालों के अनुसार, यह मंच उन देशों के राजनीतिक, सामाजिक परिदृश्य और संकट को दर्शाता है। इस महोत्सव में रंगमंच देखने का अनुभव आगरा के दर्शकों के लिए बिल्कुल नया होगा। क्योंकि, इस प्रदर्शन की शैलियों को पहले कभी नहीं देखा गया है। यह कार्यक्रम रंगमंच की नई भाषाओं के प्रति लोगों की संवेदनशीलता को समृद्ध करने वाला है। 

तीसरी शताब्दी ईसा पूर्व का जॉर्जियाई रंगमंच

जॉर्जिया का सबसे पहला थिएटर 'स्थान' तीसरी शताब्दी ईसा पूर्व का है। पुरातत्वविदों ने प्राचीन थियेटरों और आधुनिक अभिनय शैलियों, लोक रूपों में अपनी जड़ें दिखाने वाली शैलियों, संगीत और ड्रमों की आवाज़ से भरे वर्ग, कॉमेडी, सुधार, तमाशा और बहाना के बीच संबंध पाया है। जॉर्जियाई नाट्य कला की उत्सव प्रकृति भी गायन और नृत्य के लिए पारंपरिक जॉर्जियाई स्वाद और वीरता के जश्न मनाने की प्रवृत्ति के साथ जुड़ी हुई दिखती है। 

हॉलमार्क में शामिल है हिंसक जुनून

विदेशी प्रभुत्व के खिलाफ राष्ट्र का निरंतर विरोध और राष्ट्रीय स्वतंत्रता की रक्षा के लिए सब कुछ त्यागने के अपने कर्तव्य को मान्यता लंबे समय से जॉर्जियाई नाटकों और प्रदर्शन शैलियों दोनों में परिलक्षित हुई है। हॉलमार्क में गंजा भाषण, चरम भावना और हिंसक जुनून शामिल हैं। 19वीं शताब्दी से देश के अपने उत्तरी पड़ोसी से घनिष्ठ संबंध के कारण, रूसी शैलियां, विशेष रूप से यथार्थवाद, सभी कलाओं में प्रभावी हो गईं।

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