फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UP News: मूर्ति विसर्जन के दौरान यमुना में डूबने लगे तीन चचेरे भाई, दो को मौजूद लोगों ने बचाया... एक की मौत

Sat, 12 Oct 2024 11:21 PM IST
भूपेन्द्र सिंह अमर उजाला नेटवर्क, आगरा

सार

ताजनगरी में मूर्ति विसर्जन के दौरान यमुना में तीन चचेरे भाई डूबने लगे। दो को मौजूद लोगों ने बचा लिया। जबकि एक की मौत हो गई। 
विज्ञापन
रोते बिलखते परिजन, दीपक का फाइल फोटो - फोटो : संवाद
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

उत्तर प्रदेश के आगरा में शनिवार को मूर्ति विसर्जन के दौरान तीन चचेरे भाई डूबने लगे। लोगों ने दो को किसी तरह बचा लिया। जबकि एक डूब गया। घटना से घर में चीख पुकार मच गई। परिजन ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया। मामले की जांच की जा रहा है।  

विज्ञापन


घटना फतेहाबाद थाना क्षेत्र के शंकरपुर घाट की है। यहां देवी प्रतिमाओं का विसर्जन किया जा रहा था। क्षेत्र के धारापुरा निवासी के तीन चचेरे भाई मूर्ति विसर्जन देखने गए थे। इनमें योगेश के बेटे दीपक (12) और आनंद (10) एवं प्रमोद का बेटा गोलू उर्फ शिवम (12) शामिल थे। बड़े भाई का पैर फिसलने से वह पानी में गिर गया। उसे डूबता देख दोनों भाई बचाने के लिए कूदे। वह पानी में डूबने लगे।

मौजूद लोगों ने देखा तो दो भाइयों को किसी तरह बचा लिया। जबकि तीसरा डूब गया। खबर मिली तो घर में चीख पुकार मच गई। घरवाले रोते बिलखते मौके पर पहुंचे। सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंची। लोगों ने घाट पर मौजूद पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया। उन्होंने फतेहाबाद-फिरोजाबाद मार्ग जाम कर दिया। 
 

बाबा भीकम सिंह ने बताया कि दोपहर 2 बजे करीब मेरे तीन नाती घाट पर विसर्जन देखने गए थे। दीपक का पैर फिसलने के कारण दीपक गहरे पानी में चला गया। वह डूबने लगा। गोलू और आनंद बचाने के लिए कूदे। वह भी डूबने लगे। मौजूद ग्रामीणों ने गोलू और आनंद को तो बचा लिया। लेकिन, दीपक का कहीं पता नहीं चला।
 

काफी ढूंढने के बाद दीपक मिला। उसे लेकर अस्पताल पहुंचे। वहां जांच के बाद डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। आक्रोशित ग्रामीणों ने हंगामा करना शुरू कर दिया। मौके पर पहुंची पुलिस ने लोगों को समाझाकर किसी तरह शांत किया। घरवालों ने बच्चे का पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया। 
 

सूचना पर क्षेत्रीय विधायक छोटलाल वर्मा, एसीपी फतेहाबाद अमरदीप लाल पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। परिजन  ने कहा कि विसर्जन के दौरान घाट पर पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई थी। लेकिन, वह घाट से करीब 200 मीटर दूरी पर स्थित एक मंदिर पर चारपाई डालकर बैठे थे। उनकी लापरवाही की वजह से यह घटना हुई है। 
 
विज्ञापन

थाना प्रभारी निरीक्षक डीपी तिवारी ने बताया कि मौके पर तीन चौकी प्रभारी सहित दो उपनिरीक्षक व एक सिपाही की ड्यूटी लगाई गई थी। भीड़ अधिक थी। लोगों को रोका जा रहा था। लेकिन, आसपास बाजरे के खेत थे। उनमें से होकर बच्चे यमुना नदी घाट तक पहुंच गए। नारियल पकड़ने के चक्कर में पानी में चले गए। इनमें दो को बचा लिया गया। एक की मौत हो गई है। शिकायत के आधार पर जांच की जा रही है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें