डायरिया से दो और बुखार से एक बच्चे की मौत
सांस लेने में दिक्कत के चलते एक व्यक्ति ने तोड़ा दम
संवाद न्यूज एजेंसी
मैनपुरी। जिले में संचारी रोगों ने दस्तक दे दी है। रविवार को भोगांव के गांव रामनगर में डायरिया की चपेट में आने से दो बच्चों की मौत हो गई। बुखार से पीड़ित एक अन्य बच्चे ने जिला अस्पताल से सैफई ले जाते समय दम तोड़ दिया। ब्योंती खुर्द निवासी एक व्यक्ति की सांस लेने में दिक्कत के चलते मौत हो गई।
रविवार को जिला अस्पताल की इमरजेंसी में मरीजों की भीड़ रही। थाना भोगांव क्षेत्र के गांव रामनगर निवासी जितेंद्र कुमार की एक साल की पुत्री आयरा को पिछले कुछ दिन से उल्टी और दस्त की दिक्कत थी। परिजन स्थानीय डॉक्टर से उपचार करा रहे थे। हालत बिगड़ने पर रविवार की सुबह जिला अस्पताल लेकर पहुंचे यहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। इसी गांव के सुल्तान सिंह के चार माह के पुत्र वंश को दो दिन से उल्टी और दस्त हो रहे थे। परिजन निजी डॉक्टर से उपचार करा रहे थे। रविवार की दोपहर हालत बिगड़ने पर परिजन उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे यहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
थाना कोतवाली क्षेत्र के गांव हरचंदपुर निवासी पूरन सिंह की चार माह की पुत्री आर्या को कुछ दिन से बुखार आ रहा था। परिजन ने रविवार की सुबह उसे गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया। यहां से डॉक्टरों ने मेडिकल कॉलेज सैफई के लिए रेफर कर दिया। जिला अस्पताल से निकलते ही एंबुलेंस में आर्या की मौत हो गई। थाना कोतवाली के गांव ब्योंती निवासी 42 वर्षीय प्रेमचंद्र को पिछले कुछ दिन से सांस लेने में दिक्कत थी। परिजन निजी डॉक्टर के यहां उपचार करा रहे थे। रविवार को हालत बिगड़ने पर परिजन उन्हें लेकर जिला अस्पताल आए यहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
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डायरिया के लक्षण
- पेट में ऐंठन होना
- मल पानी की तरह आना
- मतली और उल्टी
- बुखार आना
- भूख में कमी
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डायरिया के कारण
- खाने-पीने की चीजों में प्रदूषण, बासी या खराब होना
- स्तनपान के दौरान सफाई न होने से बच्चों में डायरिया
बाहर का खाना, फास्ट फूड और पैक्ड फूड का इस्तेमाल
- कटे हुए व खुले में रखे फल खाने से बीमार हो सकते
- एसी, कूलर वाले कमरे में से सीधे धूप में निकलना
- रोटा वायरस का संक्रमण होना, शरीर में पानी की कमी
- धूप से लौटकर आते ही तत्काल पानी पीना
- बच्चों में मिलावटी दूध से पाचन शक्ति कमजोर होना
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बचाव के उपाय
- पीने के लिए साफ पानी का प्रयोग करें।
- डायरिया में बच्चों को उबला हुआ पानी दें
-फास्ट और पैक्ड फूड का इस्तेमाल से बचें।
- शौच के बाद अच्छी तरह साबुन से हाथ धोएं।
- पेट में दर्द पर चिकित्सक से सलाह लें।
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डायरिया और बुखार से बच्चों की मौत हुई है इसकी टीम भेजकर जांच कराई जाएगी। डायरिया की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग ने टीकाकरण अभियान में रोटा वायरस की वैक्सीन को भी शामिल किया है। यह वैक्सीन बच्चों और 16 साल तक के किशोरों को लगाई जा रही है। लोगों को दूषित खानपान के प्रति जागरुक कियाजा रहा है।
डॉ. पीपी सिंह, सीएमओ।
चिकित्सक ने बताया डायरिया
रामनगर निवासी आयरा के चाचा विजेंद सिंह ने बताया कि बच्ची को उल्टी-दस्त हो रहे थे। क्षेत्रीय डॉक्टर को दिखाया तो उसने डायरिया की दिक्कत बताई थी। वहीं रामनगर निवासी सुल्तान सिंह ने बताया कि वंश को कुछ दिन से उल्टी-दस्त हो रहे थे। निजी डॉक्टर को दिखाया जहां उसका डायरिया का उपचार चल रहा था।