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सेना भर्ती रैली: आगरा में फर्जी दस्तावेज से भर्ती होने आया अभ्यर्थी और दो दलाल गिरफ्तार

Sat, 06 Mar 2021 12:05 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा

सार

  • सेना में भर्ती कराने का ठेका लेने के मामले में तीन सैन्यकर्मियों के नाम का खुलासा, मुकदमे में बनाए गए अभियुक्त 
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फर्जीवाड़े के आरोपी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आगरा के सिकंदरा स्थित आनंद इंजीनियरिंग कॉलेज के मैदान पर चल रही सेना भर्ती में तीन सैन्यकर्मियों पर ही भर्ती कराने का ठेका लेने का आरोप है। इसका खुलासा शुक्रवार को फर्जी दस्तावेज की मदद से भर्ती होने आए अभ्यर्थी अजीत कुमार की गिरफ्तारी के बाद हुआ है। उसकी निशानदेही पर दो दलाल रंजीत कुमार और शशि कुरैशी पकड़े गए। 

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पुलिस का कहना है कि दलालों ने तीन सैन्यकर्मियों के नाम बताए हैं, जोकि छह लाख रुपये में अभ्यर्थियों को भर्ती कराने का ठेका लेते हैं। मामले में मुकदमा दर्ज कर सैन्यकर्मियों को भी आरोपी बनाया है। उनके खिलाफ सेना मुख्यालय से जांच कर कार्रवाई की जाएगी।  

एसपी सिटी बोत्रे रोहन प्रमोद ने बताया कि सेना भर्ती में पूर्व में फर्जी दस्तावेजों से दौड़ में शामिल होने आए अभ्यर्थी और दलाल पकड़े जा चुके हैं। इसको देखते हुए पुलिस के साथ आर्मी इंटेलीजेंस अभ्यर्थियों को भर्ती कराने का झांसा देने वालों की तलाश कर रही है। इसी क्रम में मुखबिर से सूचना मिली कि फर्जी दस्तावेज से भर्ती होने कई अभ्यर्थी आए हैं। इस पर छानबीन की गई। 

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आरोपी अभ्यर्थी सैन्य अस्पताल में किया था रेफर
एसपी सिटी ने बताया कि बुलंदशहर के ताहपुर खादर औरंगाबाद तहेरपुर निवासी अजीत कुमार को गिरफ्तार किया गया है। उससे पूछताछ में पता चला कि उसकी उम्र अधिक हो गई है। भर्ती के लिए 21 वर्ष से कम चाहिए। ऐसे में वह विपिन कुमार निवासी बरला अतरौली, अलीगढ़ के नाम से कागजात तैयार करके भर्ती में आया था। 

शारीरिक दक्षता परीक्षा में पास हो गया। चिकित्सीय परीक्षा में चिकित्सकों ने जांच में कुछ कमी बताई। उसे सेना अस्पताल रेफर कर दिया गया। उसके फर्जी दस्तावेज पाए जाने पर पुलिस ने गिरफ्तार लिया। उसने भर्ती कराने के लिए डौकी के गांव नगरिया निवासी रंजीत कुमार और मथुरा के थाना नौहझील स्थित मोहल्ला टोली गांव निवासी शशि कुरैशी को छह लाख रुपये में ठेका दिया था। 

इस पर पुलिस ने रंजीत और शशि कुरैशी को भी गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों से तीन आधार कार्ड, एक मोबाइल, प्रवेशपत्र, पेन कार्ड, मतदाता पहचान पत्र, मेडिकल स्लिप, चरित्र व जाति प्रमाणपत्र, निवास व अविवाहित प्रमाणपत्र, 21000 रुपये बरामद हुए हैं।
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सैन्यकर्मियों से मिलाते थे रंजीत और शशि
पुलिस की पूछताछ में आरोपी रंजीत ने बताया कि उसका साथी शशि कुरैशी सेना में भर्ती होने आने वाले अभ्यर्थियों से संपर्क करता है। उन्हें भर्ती कराने का झांसा देता है। इसके लिए पांच लाख से छह लाख तक की मांग की जाती है। सौदा तय होने पर सैन्यकर्मी योगेंद्र कुमार, विकास कुमार और सौरव कुमार के पास ले जाते हैं। 

इसके बाद रंजीत और शशि फर्जी दस्तावेज तैयार करके अभ्यर्थियों को दे देते हैं। दोनों को इसके एवज में एक-एक लाख रुपये मिलते हैं। कागजात के सत्यापन की जिम्मेदारी भी आरोपी सैन्यकर्मी ही लेते थे। सैन्यकर्मी दलालों से फोन और व्हाट्सएप के माध्यम से संपर्क में थे। उनके नंबर पुलिस को पता चल गए हैं। इनके आधार पर पड़ताल की जा रही है। 

पुलिस ढूंढ रही कई सवालों के जवाब 
पुलिस के अनुसार फर्जीवाड़े में आरोपी सैन्यकर्मी योगेंद्र कुमार डौकी के गांव नगरिया का रहने वाला है, जबकि विकास कुमार और सौरभ कुमार कहां के रहने वाले हैं, यह पता नहीं चल सका है। इसकी जानकारी के लिए आर्मी इंटेलीजेंस को रिपोर्ट दी गई है। 

पुलिस यह भी पता कर रही है कि तीनों सैन्यकर्मी कहां तैनात हैं, उनके कितने एजेंट हैं, सैन्यकर्मी अब तक किसी को भर्ती कराने में सफल हो पाए या नहीं, एजेंटों से किस तरह संपर्क करते हैं, अगर भर्ती करा पाए तो वह कौन से अभ्यर्थी हैं।
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