कासगंज में ग्यारह दिन पहले हुए सामूहिक दुष्कर्म के मामले में पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। अब पुलिस ने इस घटना की जांच में सामने आए तीन और आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। ये तीनों आरोपी उन लोगों में शामिल हैं, जिन्होंने सामूहिक दुष्कर्म के मुख्य आरोपियों को शरण दी और उनकी मदद की थी। इस मामले में अब तक कुल 14 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।
लड़की से सामूहिक दुष्कर्म और मंगेतर की पिटाई
पीड़ित किशोरी 10 अप्रैल को अपने मंगेतर के साथ राशन कार्ड बनवाकर लौट रही थी, तभी नहर के किनारे जंगल में कुछ आरोपियों ने उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया था और उसके मंगेतर की पिटाई की थी। घटना के तीन दिन बाद मामला सामने आने पर पुलिस ने केस दर्ज कर सबसे पहले आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इसके बाद अन्य आरोपी भी पकड़े गए। दो दिन पहले पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान योगेश नामक एक आरोपी को गिरफ्तार किया था, जिसके पैर में गोली लगी थी और उसके पास से लूटे गए कुंडल व तमंचा बरामद हुए थे। पुलिस उन लोगों की भी तलाश कर रही थी जिन्होंने इन आरोपियों को छिपने में मदद की थी।
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तीन मददगार हुए गिरफ्तार
विवेचना के दौरान तीन ऐसे आरोपियों के नाम सामने आए, जिनमें से प्रेमपाल निवासी प्रतिभा कॉलोनी और रूपेंद्र निवासी कंचननगर, दोनों अलीगढ़ जिले के रहने वाले हैं। तीसरा आरोपी मनोज मेमड़ी का निवासी है। इन तीनों आरोपियों को इंस्पेक्टर लोकेश भाटी ने मोहनपुरा की ओर से आने वाले रास्ते पर गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के समय तीनों बाइक पर सवार थे। पुलिस ने इन तीनों आरोपियों को भी जेल भेजने की कार्रवाई पूरी कर ली है।
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पुलिस जांच में सामने आए थे नाम
सीओ आंचल चौहान ने बताया कि सामूहिक दुष्कर्म मामले में तीन और आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इन तीनों ने मुख्य आरोपियों की मदद करते हुए उन्हें शरण दी थी। पुलिस की जांच में इनके नाम सामने आए थे और अब तीनों को जेल भेज दिया गया है।