घर में अकेली महिला से लूट और गला दबाकर हत्या करने के मामले में अदालत ने शाहगंज थाना क्षेत्र के प्रकाश नगर निवासी नवरतन, महेश कुमार और अजीतपुरा के राजू को दोषी पाया। विशेष न्यायाधीश दस्यु प्रभावी क्षेत्र दिनेश तिवारी ने इन्हें आजीवन कारावास और 20-20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। वारदात 25 साल पुरानी है।
अदालत ने जुर्माने की रकम से 30 हजार रुपये बतौर प्रतिकर मृतका के बेटे और 30 हजार रुपये राज्य सरकार के खाते में जमा कराने का भी आदेश किया। थाना जगदीशपुरा में चाणक्यपुरी निवासी अशोक कुमार ने केस दर्ज कराया था।
उन्होंने पुलिस को बताया कि वह 2 जून 1999 की सुबह 10 बजे अपनी बहन के घर गए थे। शाम को 6 बजे लौटे। घर का गेट खुला था। अंदर मां ओमवती कमरे में तख्त पर लेटी थीं। उनके मुंह पर बक्सा रखा था। सामान फर्श पर बिखरे थे। शोर मचाकर पड़ोसियों को बुलाया। मां की मौत हो चुकी थी।
उन्होंने पुलिस को बताया कि सुबह करीब 10 बजे महेश नाम का एक बेलदार उनके घर आया था। उसने ही अन्य आरोपियों के साथ मिलकर हत्या की। बाद में जेवरात और नकदी लूट ले गया। पुलिस ने वारदात के दो दिन बाद महेश कुमार, नवरतन और राजू को गिरफ्तार किया। उनके कब्जे से जेवरात और नकदी बरामद की।