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'हेलो गैंग' का काला कारनामा: बेरोजगार युवाओं को बनाता शिकार, युवतियों से दोस्ती और नौकरी के नाम पर वसूलता पैसे

Thu, 23 Mar 2023 10:50 AM IST
भूपेन्द्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, आगरा

सार

आगरा में पुलिस ने नौकरी का झांसा देकर ठगी करने वाले हेलो गैंग के तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी बीहड़ में रहकर बेरोजगार युवाओं को अपना निशाना बनाते थे। इनके पास से फर्जी सिम कार्ड, आवेदन पत्र सहित अन्य कागजात बरामद हुए हैं। 
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हेलो गैंग के तीन आरोपी गिरफ्तार - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश के आगरा में पुलिस ठगी गिरोह के तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह आरोपी इंडिगो में नौकरी दिलाने का झांसा देकर युवाओं को अपना शिकार बनाते थे। इससे पहले यह युवतियों से दोस्ती के कराने नाम पर ठगी करते थे। 'हेलो गैंग' बनाकर यह बीहड़ में अपने पैर जमाए थे। इसके बाद इन्होंने ऑनलाइन ट्रांसपोर्ट के नाम पर ठगी शुरू की। इनका चौथा साथी अभी फरार चल रहा है।

धोखाधड़ी करके रुपयों की वसूली करते थे

जैतपुर थाना पुलिस ने साइबर सेल व एसओजी टीम की मदद से तीन बदमाशों को गिरफ्तार किया है। इस दौरान उनका चौथा साथी भाग निकला। आरोपी इंडिगो में नौकरी दिलाने का झांसा देकर बेरोजगार युवाओं के साथ धोखाधड़ी करके रुपयों की वसूली करते थे। 

पुलिस ने घेराबंदी कर तीन को पकड़ा

एसीपी रविंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि मंगलवार को फतेहपुरा तिराहे से संयुक्त टीमों को 'हेलो गैंग' के सदस्यों के बारे में सूचना मिली थी। इस पर पुलिस ने घेराबंदी कर तीन को पकड़ा है। पकड़े गए लोगों के पास से दो मोबाइल फोन, तीन फर्जी सिमकार्ड, दो फर्जी आधार कार्ड, इंडिगो कंपनी के दो फर्जी आवेदन पत्र मिले हैं। गिरफ्तार आरोपियों में पिढ़ौरा के कांकर गांव निवासी सतीश, जैतपुर के तड़ेहेता गांव निवासी इंद्रपाल, खेड़ाराठौर के भगतनपुरा गांव निवासी कीर्तिराम उर्फ गिरजाशंकर उर्फ नेकसे शामिल हैं।

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इंडिगो कंपनी में नौकरी दिलाने का देते थे झांसा

आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि ऑनलाइन इंडिगो कंपनी की साइट पर रजिस्ट्रेशन कराते थे। इसके बाद फर्जी आईडी कार्ड बनाकर उन्हें नौकरी का झांसा देकर दो से पांच लाख रुपये तक की ठगी करते थे। ठगी की धनराशि बैंक खातों में ऑनलाइन ट्रांसफर करा लेते थे। पुलिस ने बताया कि चौथा फरार बदमाश भगतनपुरा का संतोष है। यह महंगे दाम पर एक्टिवेट सिमकार्ड उपलब्ध कराता था। एसीपी ने बताया कि इंद्रपाल और कीर्तिराम पहले भी धोखाधड़ी में जेल जा चुके हैं।

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