आरोपी अपने पास कई बैंकों के एटीएम कार्ड रखते थे। रुपये निकालने आने वाले के पास जिस बैंक का एटीएम कार्ड होता था, आरोपी उसी बैंक का एटीएम कार्ड निकलते थे, जिससे किसी को शक ना हो जाए। गैंग दो साल से इसी तरह की वारदात को अंजाम दे रहा है। कितने लोगों के डेबिट कार्ड बदलकर रकम निकाली है, इसकी गिनती भी आरोपियों को नहीं पता है। पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है। खाता खाली करने में एक मिनट से ज्यादा का समय नहीं देते थे।
बिना सत्यापन के 10 हजार में देता था पेटीएम मशीन
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी करन गुरुग्राम में पेटीएम कंपनी में सेल्स का काम करता है। वह पेटीएम मशीन उपलब्ध कराता है। आरोपियों को भी वह 10 हजार रपये में मशीन दे देता था। इसके लिए किसी तरह का सत्यापन भी नहीं करता था। जिन खातों में रकम जाती थी, वह भी फर्जी दस्तावेज के माध्यम से खोले गए होते हैं। इस कारण आरोपी पेटीएम मशीन के माध्यम से रकम ट्रांसफर करने के बाद अपने फर्जी खातों में लेकर निकाल लेते थे। पेटीएम मशीन से एक दिन में एक लाख तक निकाले जा सकते हैं। कर्मचारी करन एमबीए पास रुपयों के लालच में वह यह हरकत कर रहा था।