नेशनल हाइवे-2 के चौड़ीकरण में हजारों हरे पेड़ों पर आरा चलेगा। इसके लिए वन विभाग से पेड़ों को काटने की अनुमति मांगी गई है। इससे इस मार्ग पर हरे पेड़ों की संख्या में कमी आएगी। वहीं अभी तक यमुना एक्सप्रेस-वे के दोनों ओर हरियाली का अभाव खटक रहा है। इसके निर्माण के दौरान भी हजारों पेड़ काटे गए थे।
आगरा-फीरोजाबाद से लेकर इटावा तक नेशनल हाईवे-2 के चौड़ीकरण का काम चल रहा है। इसके लिए एनएचएआई ने इटावा से आगे तक 5,880 पेड़ों को काटने की अनुमति मांगी है। इसके तहत आगरा, फीरोजाबाद से लेकर जसवंतनगर और इटावा तक हरे पेड़ काटे जाएंगे। इस कारण यहां हरियाली नजर नहीं आएगी। वैसे वन विभाग के नियमों के मुताबिक, एनएचएआई को इसकी दोगुनी संख्या में हरे पेड़ लगाने होंगे, लेकिन फिलहाल हजारों पेड़ों पर आरा चलना तय है।
बता दें कि यमुना एक्सप्रेस-वे के निर्माण के दौरान भी हजारों हरे पेड़ काट दिए गए। अभी तक यमुना एक्सप्रेस-वे का निर्माण करने वाले जेपी ग्रुप ने एक्सप्रेस-वे के दोनों ओर इतनी संख्या में नये पेड़ नहीं लगाए हैं। इससे आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित होने के बाद भी यमुना एक्सप्रेस-वे हरियाली के मामले में पिछड़ा दिखाई देता है।
इस संबंध में वन विभाग के डीएफओ एनके जानू का कहना है कि पेड़ों को काटने की अनुमति विशेष परिस्थितियों में दी जाती है। यमुना एक्सप्रेस-वे के लिए कोर्ट से स्वीकृति ली गई थी। इसी तरह नियमों के अनुसार ही स्वीकृति दी जाती है।