आगरा। पिछले दिनों स्वयंसेवकों पर पुलिस के लाठीचार्ज का मुद्दा एक बार फिर गर्माएगा। लाठीचार्ज के बाद संघ प्रचारक को हिरासत में लेने पर हिंदूवादी संगठनों का पारा नीचे नहीं उतर रहा है। पुलिस क्षेत्राधिकारी के निलंबन की मांग पर अड़े संगठनों ने जन संघर्ष समिति का गठन किया है, जो पुलिस और प्रशासन के खिलाफ हल्ला बोलेगी।
विदित हो कि दस नवंबर को टेढ़ी बगिया में वाहन से स्वयंसेवक को टक्कर लगने के बाद दो पक्षों में टकराव हुआ, जिसमें पुलिस ने स्वयं सेवकों पर लाठीचार्ज कर दिया था। लाठीचार्ज की चपेट में संघ प्रचारक भी आ गए थे। बाद में स्वयंसेवकों के साथ पुलिस उन्हें थाने भी ले आई थी। बस, इसी बात को लेकर हिंदूवादी संगठन अभी तक आक्रोशित चल रहे हैं। दस नवंबर को तो थाने पर भाजपाइयों ने मोर्चा संभाला। लेकिन आंदोलन को संगठित रूप देने को बाकायदा संघर्ष समिति गठित कर ली गई है, जिसकी कमान संगठन के प्रमुख पदाधिकारियों के हाथ में है। अब यह समिति ही लाठीचार्ज मुद्दे को आगे बढ़ाएगी। बुधवार को जन संघर्ष समिति की बैठक में आगे की रणनीत पर विचार हुआ। समिति के सदस्य डॉ. रजनीश त्यागी ने कहा कि संघ प्रचारक को छूना पुलिस और प्रशासन पर भारी पड़ेगा। सीओ के निलंबन को लेकर समिति किसी भी हद तक जा सकती है। बजरंग दल के पदाधिकारी रामकुमार शर्मा ने बताया कि 20 नवंबर को जिले के हजारों कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट का घेराव करेंगे और जब तक संबंधित थाने के सीओ और एसओ का निलंबन नहीं होता। आंदोलन जारी रहेगा।