तीर्थनगरी वृंदावन के प्राचीन ठाकुर राधावल्लभ मंदिर में सोमवार शाम को ब्याहुला महोत्सव मनाया गया। इसमें फूलों का सेहरा बांधकर दूल्हा बने राधा वल्लभलाल के दर्शन के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ी। इस दौरान शहनाई की ध्वनियों के बीच मंदिर परिसर ठाकुरजी के जयकारों से गुंजायमान हो उठा।
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ठाकुर राधा वल्लभ के ब्याहुला महोत्सव के अवसर पर मंदिर प्रांगण को विभिन्न प्रकार के फूलों से सजाया गया और सुगंधित इत्र का छिड़काव किया गया। मंदिर में एक ओर शहनाई बज रही थी। शाम को ठाकुर राधावल्लभ लाल के ब्याहुला महोत्सव में मंदिर सेवायतों, रसिक संतों और समाजियों ने ब्याहुला के पदों का गायन किया।
मंदिर परिसर में चलाए गए फव्वारे
ब्याहुला महोत्सव में ठाकुर राधावल्लभ लाल दूल्हा बने और राधिका जी दुल्हन बनीं। इस दिव्य क्षण के साक्षी बनने के लिए भक्त मंदिर प्रांगण में एकत्रित हुए। मंदिर प्रांगण में ब्याहुला महोत्सव में फव्वारे चलाए गए। मंदिर परिसर राधा वल्लभ लाल के जयकारों से गुंजायमान हो रहा था।
इसलिए मनाते हैं ब्याहुला महोत्सव
हर कोई अपने आराध्य के दर्शन करने के लिए आतुर था। देर शाम तक हुए आयोजन में सैकड़ों भक्त मंदिर परिसर में जमे रहे। मंदिर सेवायत विशाललाल गोस्वामी ने बताया कि जब भक्तों की कोई मनोकामना पूर्ण होती है तब वह अपने आराध्य का आभार प्रकट करने के लिए ब्याहुला महोत्सव मनाते हैं।