मैनपुरी। रात के साथ ही दिन भी अब सर्द होने लगा है। सोमवार को न्यूनतम तापमान दिन में ही 13 डिग्री सेल्यियस रहा। सर्दी के साथ ही रविवार को बूंदाबांदी भी हुई। लेकिन इतना सब होने के बाद भी गोवंश सर्दी में ठिठुर रहे हैं। गोवंशों की देखरेख करने वाले जिम्मेदारों को ही जब संवेदना नहीं है तो आखिर गोशाला में बंद गोवंशों की वेदना कौन सुने।
सड़कों पर घूमने वाले छुट्टा गोवंशों को शासन के आदेश पर गोशालाओं में भेजा जा रहा है। गोशालाओं को संचालित करने के लिए धनराशि उपलब्ध कराने के साथ ही गोवंशों की देखभाल के लिए कर्मचारी भी तैनात किए गए हैं। लेकिन ये कर्मचारी अपनी जिम्मेदारी नहीं निभा रहे हैं। वहीं पर्यवेक्षण करने वाले अधिकारी भी गोशालाओं की समस्याओं का अनदेखा कर रहे हैं। सर्दी और बारिश के बाद भी अब तक गोशालाओं में गोवंशों को बचाने के लिए कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं। न तो गोवंशों के लिए झूल बनवाई गई हैंं और न ही तिरपाल लगाई गई हैं।
रविवार रात को बारिश के दौरान भी गोवंश खुले आसमान के नीचे ठिठुरते रहे। गोशालाओं में इन अव्यवस्थाओं पर आखिर जिम्मेदार कब नजर डालेंगे।
दृश्य एक: गोशाला ट्रांसपोर्ट नगर
ट्रांसपोर्ट नगर स्थित गोशाला में गोवंशों की बदहाली बढ़ती ही जा रही है। बीमार गोवंशों की उचित देखभाल नहीं हो रही है तो वहीं कई गोवंश खुले मैदान में ही घूमते रहते हैं। सोमवार को भी बूंदाबांदी के बीच गोवंश खुले आसमान के नीचे ठिठुरते नजर आए। वहीं कई जगह जलभराव भी रहा।
दृश्य दो: गोशाला दिवलपुर
विकास खंड जागीर के गांव दिवलपुर में बनी गोशाला में भी गोवंशों का हाल बेहाल है। रविवार रात को हुई बारिश के चलते परिसर में कई जगह जलभराव हो गया है। वहीं गोवंश भी ठिठुर रहे हैं, लेकिन उनके लिए कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं।
दृश्य तीन: गोशाला बमरौली नगला फत्ते
विकास खंड घिरोर की ग्राम पंचायत बमरौली नगला फत्ते में स्थापित गोशाला में भी गोवंश सर्दी से ठिठुर रहे हैं। परिसर में जगह-जगह जलभराव हो गया है। वहीं सर्दी के कारण गोवंश बीमार भी हो रहे हैं। यहां गोवंशों की देखरेख के नाम पर बस खानापूरी की जा रही है।
खंड विकास अधिकारियों के साथ बैठक कर गोशालाओं में गोवंशों को सर्दी से बचाने के इंतजाम कराने के निर्देश दिए हैं। कुछ जगह गोवंशों को सर्दी से बचाने के लिए इंतजाम हो भी गए हैं। जल्द ही सभी गोशालाओं में व्यवस्था कराई जाएगी। - -नेहा बंधु, मुख्य विकास अधिकारी