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मेरे घर आ जाए यह नन्ही परी ....

Tue, 29 Mar 2016 02:05 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
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मेरे घर आ जाए यह नन्ही परी .... - फोटो : डेमो पिक
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किस्मत के खेल भी निराले हैं। अब इस फूल सी बच्ची को देखिए। दो दिन में मुकद्दर बदल गया। कल इस नन्ही परी को इसकी मां तक ने ठुकरा दिया था, बेचारी दुनिया में आते ही बेसहारा हो गई थी। लेकिन आज ममता का आंचल लिए 200 मां आ गई हैं इसे अपनाने के लिए। आगरा ही नहीं, जयपुर और ग्वालियर तक से दंपतियों के फोन आ रहे हैं अफसरों के पास। सिफारिश भी लगवाई जा रही हैं। हर कोई चाहता है कि यह नन्ही परी उसके घर आ जाए। लेकिन अब इसे पाने के लिए भी किस्मत के सितारे बुलंद होने जरूरी हैं। प्रशासन एक प्रक्रिया केतहत इन 200 दंपतियों में से किसी एक का चयन करेगा। बता दें, यह बच्ची 26 मार्च को शाहगंज के गांव सुचेता में मंदिर के पास झाड़ियों में मिली थी। चश्मदीदों ने बताया था कि एक्टिवा सवार दो युवतियां इसे छोड़ गई थी। इसी गांव में कांग्रेस नेत्री शबाना खंडेलवाल की ससुराल है। गांव वालों ने बच्ची उन्हें सौंप दी थी। खंडेलवाल ने बताया कि गांव से ही 50 दंपति उनके पास आ चुके हैं। कह रहे हैं कि बच्ची उनके गांव में मिली हैं, उस पर पहला हक उनका है। इसके अलावा मैनपुरी, हापुड़, जयपुर, ग्वालियर से लोग पहुंचे हैं। आगरा में बल्केश्वर, कमला नगर, जवाहर नगर के दंपति पहुंचे हैं। उनका नाम पहले दिन अखबार में छपा, इसलिए लोग उनसे संपर्क कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि उन्होंने बच्ची प्रशासन के सुपुर्द कर दी है। उधर, प्रशासन के सूत्रों ने बताया कि फिलहाल बच्ची एक दंपति को देखरेख के लिए दी गई है। उधर, संस्थान चाइल्ड लाइन और बाल गृह में भी कई लोगों ने बच्ची को गोद लेने के लिए संपर्क किया है। बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष डा. कमलेश कुमारी ने बताया कि  बुधवार को होने वाली समिति की मीटिंग में इस बच्ची को गोद दिए जाने पर चर्चा होगी।
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 ऑन लाइन करना होगा आवेदन
जिला प्रोबेशन अधिकारी अजित कुमार ने बताया कि बच्ची को गोद लेने के लिए आन लाइन आवेदन करना होगा। चाइल्ड वेलफेयर सोसाइटी की बैठक में आवेदनों की जांच के बाद फैसला लिया जाएगा। गुण दोष के आधार पर बच्ची गोद दी जाएगी। चाइल्ड लाइन समन्वयक नरेंद्र परिहार ने बताया कि प्रशासनिक अधिकारी और बाल कल्याण समिति को आगे की कार्रवाई करनी है।
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यह है प्रक्रिया
- बच्चा गोद लेने के लिए सेंट्रल एडॉप्शन रिसॉर्स एजेंसी(कारा) की वेबसाइट पर आनलाइन आवेदन करना होता है।
- पति-पत्नी की कुल आयु अधिकतम 90 साल से कम होनी जरूरी है।
- आवेदक की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होने पर ही उन्हें बच्चा गोद दिया जा सकता है।
-  इस संबंध में बाल कल्याण समिति और जिला प्रोबेशन अधिकारी को निर्णय लेना होता है।
- संपत्ति की जानकारी के लिए शपथ पत्र और इंकम सर्टिफिकेट भी देना होता है।
- नि:संतान दंपति को पहली प्राथमिकता दी जाती है, उसके घर टीम जाती है।
- आस पड़ोस के वातावरण और सुविधाओं के साथ घर की व्यवस्थाओं को परखा जाता है।
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