लोकसभा चुनाव से पहले एक बार फिर राम मंदिर आंदोलन को धार दी जा रही है। अध्यादेश के माध्यम से राम मंदिर बनाने को दिल्ली और अयोध्या चलो के आह्वान किए गए हैं। 9 दिसंबर को दिल्ली कूच का आयोजन है।
इसमें 35 हजार मथुरावासियों की भागेदारी होगी। इसकी कमान आरएसएस ने संभाल ली है। इसके लिए ब्रज प्रान्त के आह्वान पर केशव भवन में बैठक भी बुलाई गई।
एक बार फिर राम मंदिर गूंजने लगा है। संतों के साथ विभिन्न संगठन भी अब आंदोलन की राह पकड़ने जा रहे हैं। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ भी इसी लाइन में है। संघ विचार परिवार के आह्वान पर राम मंदिर के लिए 9 दिसंबर को दिल्ली चलो का आह्वान किया गया है।
इसके लिए ब्रज प्रान्त के आह्वान पर वृहद बैठक विभाग कार्यालय केशव भवन में हुई। इसमें संघ व इसके विविध संगठनों की जिला इकाइयों ने भाग लिया।
मंदिर आंदोलन के जिला संयोजक प्रदीप ने कहा कि प्रभु श्री राम की जन्मभूमि पर भव्य मंदिर निर्माण संघ की पहली प्राथमिकता है। हिंदू समाज में जो रोष है, उसी को प्रकट करने के लिए दिल्ली चलने का आह्वान किया गया है।
विभाग प्रचारक आर्येन्द्र ने कहा कि पुरातत्व विभाग, केंद्र सरकार आदि पुष्टि कर चुके हैं कि वहां मंदिर हुआ करता था। खुदाई में कई अवशेष मिलने से यह बात पुष्ट हो जाती है।
अब अध्यादेश के रास्ते से भव्य राम मंदिर निर्माण का रास्ता अपनाया जाएगा। बैठक के दौरान सभी संगठनों को सहभागिता का लक्ष्य दिया गया।
बैठक में महानगर संघचालक लाल चन्द, सह प्रान्त कार्यवाह राजकुमार, प्रान्त सह शारीरिक शिक्षण प्रमुख महावीर, विभाग कार्यवाह छैल बिहारी, सह विभाग कार्यवाह डा. संजय, विभाग संपर्क प्रमुख कमल कौशिक, महानगर कार्यवाह शिवकुमार, सह महानगर कार्यवाह विजय बंटा आदि उपस्थित रहे।