रात एक बजे के बाद की है वारदात
पीड़ित छत्रपाल त्यागी ने बताया कि वह रात 11 बजे के बाद खेत से आया था। परिवार के अन्य सदस्य भी रात 11 और 12 बजे के बीच ही खेतों से घर आए थे। बताया कि आधी रात तक कोई घटना नहीं हुई थी। इससे आशंका है कि रात एक बजे के बाद ही चोर उनके यहां आए होंगे।
वहीं परिवार के लोगों का कहना है कि तीनों घरों में कुल 35 लोग रहते हैं। घटना के समय यदि उनमें से कोई जाग जाता तो चोरों और परिवारीजनों के बीच संघर्ष भी संभव था। वहीं छत्रपाल ने बताया कि पुलिस के साथ वह कमरों में चला गया था, तो थानाध्यक्ष बरहन ने डांटकर बाहर निकाल दिया था। उसे धमकी भी दी।
चप्पे चप्पे पर सो रहे थे परिजन
तीन मंजिल बने मकानों में रहने वाले तीनों परिवारों के लोग घर के बरामदे से लेकर विभिन्न कमरों में सो रहे थे। इसके बाद भी चोरों ने कमरों के दरवाजों की कुंडियों को काटा और बर्तन आदि सामान भी उठा ले गए। इसके बाद भी परिवार के किसी भी सदस्य की नींद नहीं टूटी। इसे लेकर भी लोग अचंभित हैं। वहीं जांच के दौरान खोजी कुत्ता घटनास्थल से बाउंड्रीवाल के दोनों गेटों की तरफ गया। इसके बाद वह बाहर सड़क पर बरहन मोड तक जाकर वापस लौट आया।