दोहरी मुसीबत झेल रहे पीड़ित
बिल्डरों के धोखे के शिकार पीड़ित दोहरी मुसीबत झेल रहे हैं। एक तो उनका पैसा फंस गया है। दूसरा पुलिस सीधे केस दर्ज नहीं करती। तहरीर आने पर पहले उसकी जांच कराई जाती है। कई बार जांच के बाद भी केस नहीं होता। ऐसे में पीड़ितों को एफआईआर दर्ज कराने केलिए ही कोर्ट के चक्कर काटने पड़ते हैं।
पैसे ले लिए, फ्लैट नहीं दे रहे
बिल्डरों के खिलाफ दर्ज हो रहे मामलों में मुख्यत: तीन तरह की शिकायतें हैं। एक तो फ्लैट बुक कर लिया, पैसे ले लिए, लेकिन कब्जा नहीं दिया। दूसरा, एक ही फ्लैट दो लोगों को बेच दिया। तीसरा, झूठ बोलकर बुकिंग कर ली, बाद में फ्लैट बनाए ही नहीं। एक - दो मामले ऐसे हैं जिनमें बिल्डरों ने फाइनेंस कंपनी से लोन लिया लेकिन उसे चुकाया नहीं। जो संपत्ति बंधक रखी थी, उसे बेच दिया।