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इसलिए धंसा था आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे, राइट्स ने जांच में किया खुलासा

Thu, 30 Aug 2018 06:30 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
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आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे - फोटो : अमर उजाला
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आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे का निर्माण निर्धारित ड्राइंग और डिजाइन के विपरीत करने से दो दिन की बरसात में एक्सप्रेसवे की सर्विस रोड धंसा था। कंस्ट्रक्शन कंपनी ने सर्विस रोड में बरसाती पानी की निकासी के लिए निर्धारित मानक से छोटे पाइप लगाए, जिससे बरसात का पानी अत्यधिक बहाव के साथ सर्विस रोड में नीचे से कटाव करता रहा। रेल इंडिया टेक्निकल एंड इकोनोमिक सर्विस (राइट्स) ने एक्सप्रेसवे धंसने की जांच रिपोर्ट उत्तर प्रदेश एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) को सौंप दी है।

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जुलाई के अंतिम सप्ताह में लगातार दो दिन बरसात होने से 31 जुलाई की देर रात आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर आगरा से 16.300 किलोमीटर पर स्थित सर्विस रोड करीब 15 से 20 मीटर तक कट गई। मुम्बई से कन्नौज आ रहे परिवार की कार सर्विस रोड पर हुए गड्ढे मे गिर गई थी। सरकार ने दो दिन की बरसात से सिर्फ दो साल पुराने एक्सप्रेसवे धंसने पर मामले को गंभीरता से लेते हुए राइट्स को जांच सौंपी थी। 

सरकार ने राइट्स को 15 दिन में जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का समय दिया था। राइट्स ने गत सप्ताह यूपीडा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अवनीश कुमार
अवस्थी को रिपोर्ट सौंप दी। अवस्थी ने सरकार को रिपोर्ट से अवगत कराया है। नियमानुसार, क्षतिग्रस्त एक्सप्रेसवे और सर्विस रोड की मरम्मत पीएनसी को
ही करनी है।

राइट्स ने बताया इस कारण धंसी सड़क

राइट्स ने अपनी जांच रिपोर्ट में कहा है कि सर्विस लेन में बरसाती पानी की निकासी के लिए ह्यूम पाइप की कलवर्ट मात्र 60 सेमी व्यास की डाली गई थी, जो कि पर्याप्त नहीं थी। 30 और 31 जुलाई को मूसलाधार बारिश से तेज बहाव से जो पानी आया उसके बहने के लिए यह पाइप पर्याप्त नहीं था। इससे जलभराव हो गया। रोड धंसने के बाद कंस्ट्रक्शन कंपनी ने मरम्मत कार्य में अब 1.2 मीटर व्यास के पाइप लगाए हैं, यदि यह पाइप पहले लगाए जाते तो रोड धंसती नहीं है।

- सर्विस रोड पर जहां पर पिचिंग खत्म हो रही है। वहां अत्यधिक छोटी कच्ची ड्रेन बनाई गई थी। सामान्य पत्थर बिछाकर पिक्चड ड्रेन बनाई गई थी। उसकी लंबाई, चौड़ाई और गहराई भी पर्याप्त नहीं थी। तेज बहाव से आए बरसात के पानी ने उस ड्रेन को डैमेज कर बहा दिया।

- सर्विस रोड के पास दोनों जगह से ड्रेन के पानी को एकत्रित करने के लिए कैच पिट बनाया गया था। उसकी भी लंबाई, चौड़ाई और गहराई पर्याप्त नहीं थी। कैच पिट में तेज बहाव से आया पानी उबाल मार गया। - पुलिया पर पानी का बहाव ज्यादा हो गया। यहां भी जलभराव के चलते पानी ने मिट्टी का कटाव कर दिया।

समाधान के लिए दिए सुझाव

- सर्विस रोड पर जो ड्रेन बही है, उसके स्थान पर उचित डिजाइन की नई ड्रेन बनाई जाए।

- बरसात से जो चेंबर बह गया है, उसके स्थान पर भी उचित डिजाइन से बड़ा चेंबर बनाया जाए।

- कंस्ट्रक्शन कंपनी की ओर से 1.2 मीटर व्यास के नए ह्यूम पाइप बिछाए गए हैं, उनका भी भविष्य को देखते हुए परीक्षण किया जाए। यदि पाइप पर्याप्त नहीं है तो इनकी संख्या बढ़ाई जाए।

- सर्विस रोड किनारे बनी रिटेनिंग वॉल की नींव को नीचे वास्तविक धरातल तक बढ़ाया जाए।

- क्षतिग्रस्त सर्विस रोड को दोबारा बनाया जाए

- सर्विस रोड किनारे रिटेनिंग वॉल की ऊंचाई को बढ़ाया जाए।

यह है जांच का निष्कर्ष

आगरा से फिरोजाबाद तक 56.2 किलोमीटर लंबे पैकेज एक का निर्माण क करने वाली कंस्ट्रक्शन कंपनी मैसर्स पीएनसी इंफ्राटैक लिमिटेड को अनुबंध की
शर्तों के अनुसार पांच वर्ष तक एक्सप्रेसवे, सर्विस रोड़ और जनसुविधाओं की मरम्मत और रखरखाव करना है। बारिश के कारण क्षतिग्रस्त एक्सप्रेसवे और
सर्विस रोड़ के मार्ग की मरम्मत और पुनर्निर्माण का कार्य यूपीडा के इंजीनियर्स के परामर्श और उनकी देखरेख में कंपनी को करना होगा। पैकेज वन का क्षेत्र बीहड़ से गुजर रहा है, वहां की मिट्टी बलुई है। बलुई मिट्टी बरसात में बहने की प्रवृत्ति होती है। कंस्ट्रक्शन कंपनी को मानसून के दौरान एक्सप्रेस वे की चौकसी करने का सुझाव दिया है।
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इन मुद्दों पर कराई गई थी जांच

- सर्विस रोड क्षतिग्रस्त होने का कारण क्या है

- सर्विस रोड कहां पर और कितना क्षतिग्रस्त हुआ है

- एक्सप्रेस वे और सर्विस रोड को क्षतिग्रस्त होने से किस तरह बचाया जा सकता है


पाइप छोटे होने से रोड कटी

राइट्स ने जांच रिपोर्ट सौंप दी है, बरसाती पानी के बहाव के लिए पाइप छोटे होने के कारण सर्विस रोड का कटना सामना आया है। कंस्ट्रक्शन कंपनी को राइट्स की सिफारिश के अनुरूप पुनर्निर्माण करना होगा।
अवनीश कुमार अवस्थी, सीईओ यूपीडा


जलभराव के चलते रोड धंसी

एक्सप्रेसवे के निर्माण में गुणवत्ता और मानकों का पूरा ध्यान रखा गया। कुछ जगहों पर लगातार बारिश होने के बाद जलभराव के चलते सर्विस रोड धंसा था।
इसकी भी मरम्मत करवा दी गई है।
योगेश कुमार, प्रबंध निदेशक, पीएनसी

अमर उजाला ने किया था खुलासा

पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के ड्रीम प्रोजेक्ट में से एक आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर एक अगस्त को हुए हादसे से दो दिन पहले ही अमर उजाला ने इसके क्षतिग्रस्त होने की खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था।
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