आगरा। अवैध धर्मांतरण गिरोह से जुड़े रिवर्ट ग्रुप के सदस्यों से देश विरोधी गतिविधियां कराने की साजिश रचने की आशंका जताई जा रही है। रिवर्ट ग्रुप में उन युवक-युवतियों को जोड़ा जाता था, जो अपना धर्म परिवर्तन करते थे। पुलिस को आशंका है कि धर्मांतरण कराने वाले लोग रिवर्ट ग्रुप के सदस्यों से देश विरोधी गतिविधियां कराने की तैयारी में थे। इसके अभी पुख्ता सुबूत नहीं मिले हैं लेकिन पुलिस आरोपियों के पास से मिले लैपटाॅप और मोबाइल का डाटा खंगाल रही है, जिससे यह पता चल सके कि आरोपयों के संबंध किन-किन देशों के लोगों से हैं।
पुलिस की पूछताछ में सामने आया है कि दावाह में शामिल होने के लिए युवक-युवतियों को कश्मीर बुलाया जाता था। पाकिस्तान में बैठे गिरोह के सदस्य उससे ऑनलाइन जुड़ जाते थे। फिर युवक-युवतियों का बाैद्धिक रूप से धर्म परिवर्तन कराया जाता था। उन्हें इस्लाम की खूबियां और अन्य धर्मों की कमियाें के बारे में बताकर भड़काया जाता था। इसके बाद वह धर्म के प्रचार भी शामिल हो जाते थे। एक बार कोई फंस जाता था तो वह फिर अपने घर भी वापस नहीं जा पाता था।
इससे पुलिस को लग रहा है कि धर्मांतरण कराने वालों का इस्तेमाल देश विरोधी गतिविधियों के लिए भी किया जाता होगा। पुलिस आयुक्त दीपक कुमार ने बताया कि आरोपियों के पास से मिले लैपटाॅप और मोबाइल का डाटा खंगाला जा रहा है, जिससे यह पता किया जा सके कि आरोपयों के संबंध और कितने लोगों से थे।
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सगी बहनों की पुलिस कर रही काउंसलिंग, पिता थाने के लगा रहे चक्कर
सदर की दोनों सगी बहनों को बरामद करने के बाद काउंसलिंग की जा रही है। इनका सामना उन लड़कियों से भी कराया गया जो गिरोह से मुक्त होकर आई हैं। कई लड़कियों ने जबरन धर्मांतरण कराने की बात कही है। ऐसे में सगी बहनों को समझाया गया कि वह वापस आने पर सुरक्षित हैं। बड़ी बहन घर वापसी के लिए कुछ तैयार हो गई है, जबकि छोटी बहन तैयार नहीं है। इस पर पुलिस उसे समझा रही है। मां-पिता भी रोजाना थाने के चक्कर लगा रहे हैं। बेटी के सामने भी जाते हैं। उन्हें पुलिस बता रही है कि दोनों को वापस घर के माहाैल में आने में अभी वक्त लगेगा। उन्हें मोबाइल से दूर रखना होगा। पुरानी बातों को भुलाने के लिए नया माहाैल देना होगा।