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Agra News: गिरोह के तीन सदस्यों के पाकिस्तानी कनेक्शन, एक आईएसआई से जुड़ा

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आगरा। अवैध धर्मांतरण गिरोह के आरोपियों के पाकिस्तानी कनेक्शन सामने आए हैं। गिरफ्तार किए गए 14 आरोपियों में से 11 को रिमांड पर लेकर पुलिस पूछताछ कर रही है। इनमें से तीन लोगों के संबंध पाकिस्तान में बैठे सदस्यों से सामने आए हैं। इन पर पुलिस टीम जानकारी जुटा रही है। वहीं एक आरोपी के संबंध आईएसआई से भी होने की आशंका है। मामले में अभी और लोगों की गिरफ्तारी हो सकती है।
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सदर क्षेत्र की दो सगी बहनों के लापता होने के मामले में पुलिस ने मई में अपहरण का मुकदमा दर्ज किया था। 19 जुलाई को दोनों को कोलकाता से बरामद कर पुलिस टीम आगरा लेकर आई थी। छह राज्यों में दबिश देकर 10 लोगों को गिरफ्तार किया था। इनमें गोवा की आयशा उर्फ एसबी कृष्णा शामिल थी। आरोपियों को कोर्ट में पेश करने के बाद 10 दिन की रिमांड मिली थी।
रिमाइंड की अवधि 29 जुलाई को पूरी हो रही है। इसके बाद आरोपियों को जेल भेजा जाएगा। आयशा से पूछताछ के बाद दिल्ली के पुराने मुस्तफाबाद का अब्दुल रहमान पकड़ा गया था। उसके दो बेटों और साथी को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया था। तीन आरोपियों को जेल भेजने के अलावा पुलिस 11 आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है।
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पुलिस ने बताया कि आरोपी युवतियों को अपने गिरोह के सदस्यों की मदद से जाल में फंसाते थे। इसके बाद कलमा पढ़वा देते थे। उनसे निकाह के लिए भी रिवर्ट युवकों को तलाशा जाता था। एक बार निकाह होने के बाद युवतियों के कागजात भी तैयार हो जाते थे। किसी युवती का वापस जाना भी मुश्किल हो जाता था। आगरा का रहमान कुरैशी भी गिरोह के लिए काम कर रहा था। वह वीडियो बनाता था। इसके बाद अपने यूट्यूब चैनल पर डाला करता था।
इसके अलावा अब्दुल रहमान और आयशा फंडिंग करते थे। विदेश से पैसा आता था। पूछताछ में पुलिस को पता चला कि गिरोह के तीन सदस्य पाकिस्तानी सदस्यों के संपर्क में रहते थे। उनकी मदद से ही पूरा गिरोह चल रहा था। वह युवतियों को अपने धर्म के बारे में बताकर उनके धर्म के प्रति भड़काते थे। अब खुफिया एजेंसियां आरोपियों के पाकिस्तानी कनेक्शन के बारे में पता कर रही हैं। पुलिस आयुक्त दीपक कुमार ने बताया कि गिरोह के सदस्यों से पूछताछ में कई जानकारी हाथ लगी हैं। इस पर टीमें कार्य कर रही हैं। गिरोह में और कितने लोग शामिल हैं, यह भी पता किया जा रहा है।
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