मैनपुरी। बेसिक शिक्षा विभाग में बीएसए और शिक्षक संगठन के पदाधिकारियों के बीच विवाद फिर जोर पकड़ गया है। बीएसए ने जहां प्राथमिक शिक्षक संघ के पदाधिकारियों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई है तो वहीं शिक्षक संगठन के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर बेसिक शिक्षा विभाग के भ्रष्टाचार की जांच एसआईटी से कराने की मांग की है। प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला संयोजक अरुण यादव की ओर से मुख्यमंत्री व शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारियों को लिखे गये पत्र में कहा गया है कि बीएसए मैनपुरी द्वारा शिक्षकों के निलंबन और मान्यता के नाम पर भ्रष्टाचार किया जा रहा है। संगठन इसका विरोध करता है तो उन पर कार्रवाई की जाती है। आरोप लगाया है कि संगठन के पदाधिकारी बीएसए को ज्ञापन देने गए तो ज्ञापन नहीं लिया। बेवर विकास खंड के ब्लॉक अध्यक्ष विकास यादव के हाईकोर्ट में चल रहे वाद को लेकर बीएसए दबाव बना रही हैं। समझौता न करने पर नौकरी लेने की धमकी दी गई। जब बात नहीं मानी तो उनके द्वारा ब्लाॅक अध्यक्ष बेवर विकास यादव और जिला संयोजक के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज करा दी गई।
जिला संयोजक ने बीएसए कार्यालय में चल रहे भ्रष्टाचार की जांच एसआईटी से कराए जाने की मांग की है। वहीं उच्चाधिकारियों से संगठन के पदाधिकारियों के विरुद्ध दर्ज कराई गई एफआईआर की जांच कराने की भी मांग की है।
शिक्षक अरुण और विकास यादव ने 13 जून को उनके कार्यालय पहुंचकर अभद्रता की इसकी रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। इसी कारण वे उन पर भ्रष्टाचार के झूठे आरोप लगा रहे हैं।
दीपिका गुप्ता, बीएसए