कासगंज। जिले की सहकारी समितियों में यूरिया खाद की कमी से किसान चिंतित हैं। मक्का की फसल में यूरिया डालने का समय होने के बावजूद, समितियों पर खाद उपलब्ध नहीं होने से किसानों को बाजार से महंगी खाद खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
जिले में इस वर्ष 32810 हेक्टेयर में मक्का की खेती की गई है। फसल में यूरिया की आवश्यकता को देखते हुए किसान सहकारी समितियों की ओर जा रहे हैं, लेकिन वहां खाद की अनुपलब्धता उन्हें निराश कर रही है। नतीजतन, किसान निजी बाजारों का रुख कर रहे हैं, जहां दुकानदार उनसे प्रति बैग 266.5 रुपये की निर्धारित कीमत से अधिक, यानी 300 रुपये तक वसूल रहे हैं। किसान राम किशोर और राधा मोहन ने बताया कि समिति पर खाद न मिलने के कारण उन्हें बाजार से महंगा खरीदना पड़ रहा है।
बी पैक्स खरगातीपुर के सचिव मनोज कुमार ने बताया कि वर्तमान में केंद्र पर यूरिया उपलब्ध नहीं है, क्योंकि गेहूं की खरीद चल रही है और केंद्र गेहूं से भरा हुआ है। वहीं, बीपैक्स पिथनपुर के सचिव अनंगपाल ने भी समिति पर यूरिया की कमी की पुष्टि की है। इस स्थिति से किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है और वे अपनी फसल को लेकर चिंतित हैं। एआर को-आपरेटिव बीके मिश्रा ने बताया कि बफर में यूरिया की कमी नहीं है। पर्याप्त मात्रा में खाद की उपलब्धता है। समितियों से डिमांड आने पर उपलब्धता करा दी जाएगी।