मैनपुरी। गांव जगरूपपुर में दोहरे हत्याकांड में जान गंवाने वाले विनय के अंतिम संस्कार के लिए सोमवार शाम से देर रात तक पुलिस प्रयासरत रही।
परिजन को मनाने के लिए उनको सरकारी सहायता का आश्वासन दिया गया। मगर, परिजन ने आरोपियों के घर पर बुलडोजर चलाने और उनका एनकाउंटर करने की मांग रख दी। पुलिस ने कहा कि कानूनी दायरे में रहते हुए ही कार्रवाई होगी। इसके बाद मंगलवार सुबह परिजन ने शव का अंतिम संस्कार किया।
कोतवाली क्षेत्र के गांव जगरूपपुर में कूड़ा डालने के विवाद में 6 सितंबर की सुबह योगेंद्र सिंह और सेवानिवृत्त पुलिसकर्मी भूदेव सिंह के बीच विवाद ने खूनी संघर्ष का रूप ले लिया और भूदेव के शिक्षक पुत्र अवनीश और अन्य ने ताबड़तोड़ फायरिंग की वारदात को अंजाम दिया था।
गोली लगने से योगेंद्र की घटनास्थल पर ही मौत हो गई थी। सोमवार सुबह विनय की उपचार के दौरान मेडिकल कॉलेज सैफई में मौत हो गई थी। पोस्टमार्टम के बाद मंगलवार शाम शव गांव पहुंचा तो परिजन ने अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया था।
इसके बाद एसपी सिटी अरुण कुमार सिंह, सीओ सिटी संतोष कुमार सिंह पुलिस बल के साथ गांव पहुंचे और समझाने का प्रयास किया। मगर, परिजन मानने को तैयार नहीं थे।
ग्रामीण भी पीड़ित परिवार के साथ सहयोग करते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे। देर रात एसडीएम सदर अभिषेक कुमार, तहसीलदार आदि के साथ जगरूपपुर पहुंचे। परिजन ने मांग रखी कि परिवार के सदस्य को सरकारी नौकरी व आर्थिक सहायता दी जाए। इस पर एसडीएम ने आश्वासन दिया कि जो भी सरकारी की ओर से प्रदान की जाने सहायता पीड़ित परिवार को मिलेगी।