आगरा। एक पुराने विवाद में 27 जुलाई को बदमाशों ने युवक पर फायरिंग की। अगले दिन पुलिस ने दो बदमाशों को गिरफ्तार कर त्वरित कार्रवाई दिखाते हुई पीठ भी थपथपा ली। मगर, शुक्रवार को पीड़ित ने डीसीपी सिटी कार्यालय पहुंचकर गुडवर्क की कलई खोल दी।
पीड़ित की मां ने रोते हुए बताया कि घटना के बाद पीड़ित को रातभर थाने में बिठाया गया। तहरीर बदल कर एक आरोपी को बचा लिया गया। वही आरोपी अब जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। डीसीपी ने जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया है। मामला जगदीशपुरा की आवास विकास कॉलोनी का है। सेक्टर-4 निवासी अजहरुद्दीन जूता फैक्टरी में काम करते हैं।
उन्होंने बताया कि काफी समय पहले सराय ख्वाजा क्षेत्र में उनका एक युवक से विवाद हुआ था। उन्हें पता नहीं था कि दूसरा व्यक्ति बदमाश है और उसके ऊपर मामले दर्ज हैं। 27 जुलाई को वह सैलून में बाल कटाने गए थे। आरोपी विनय यादव, विपिन कुमार, मोनू और एक अन्य वहां आ धमके। जान बचाकर भागने पर उन पर तमंचे से फायर किया गया। वह बाल-बाल बचे।
घटना सीसीटीवी में कैद थी। पुलिस से शिकायत की तो डिवीजन चौकी की पुलिस उन्हें थाने ले आई। उल्टा बार-बार उन्हें डराया। दरोगा के परिचित युवक ने मदद का भरोसा दिलाया। वह पढ़े-लिखे नहीं हैं। उनकी तहरीर को बदलवाकर दूसरी पर अंगूठा लगवाया गया। दूसरी तहरीर में सिर्फ विनय, अनूप और मोनू को घटना में शामिल दिखाया। चौथे आरोपी को बचा लिया। अब दरोगा का करीबी और आरोपी कॉल कर धमकी दे रहे हैं। हत्या के डर से वह काम पर नहीं जा रहा है। शुक्रवार को पीड़ित अपनी मां के साथ डीसीपी सिटी कार्यालय पहुंचा।
शिकायत पर की जा रही जांच
मामले में एक आरोपी फायरिंग करता दिखा था। अन्य दो पर मारपीट का आरोप है। जानलेवा हमले का आरोपी जेल गया था। दूसरे का शांतिभंग की धारा में चालान हुआ था। शिकायत के आधार पर जांच की जा रही है। जो भी विवेचना में सामने आएगा, केस डायरी में शामिल कर कार्रवाई की जाएगी। - सय्यद अली अब्बास, डीसीपी सिटी
मारपीट के मामले में जबरन कराया समझौता
सदर की सीओडी चौकी पर तैनात पुलिसकर्मियों पर आरोप लगाया गया है कि मारपीट के मामले में पीड़ित को छह घंटे चौकी पर बिठाया और जबरन समझौता करा दिया। शांतिनगर, देवरी रोड निवासी गोविंद ने पुलिस अधिकारियों से शिकायत की है। आरोप लगाया कि उनके भाई लवकुश को कुछ लोगों ने गली से होकर जाने पर रोककर पीटा। दोबारा दिखने पर जान से मारने की धमकी दी। 112 पर सूचना देने पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। चौकी पर दबाव बनाकर जबरन समझौता करा दिया।