खेरागढ़। विकास खंड खेरागढ़ की ग्राम पंचायत डूंगरवाला के मजरा कुसियापुर में स्थित तालाब आज ग्रामीणों के लिए काल का पर्याय बन चुका है। तालाब की बदहाली और जलभराव के कारण न केवल आस्था के केंद्र मंदिर गंदे पानी में डूबे हैं, बल्कि लोगों का घरों से निकलना भी दूभर हो गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि पूर्व में हुई मौतों के बावजूद प्रशासन गहरी नींद में सोया है।
तालाब ओवरफ्लो होने के कारण इसका दूषित पानी गांव की गलियों तक पहुंच गया है। भीषण गर्मी के बावजूद रास्तों पर कीचड़ और गंदगी का अंबार है, जिससे मच्छरों और किट-पतंगों का प्रकोप बढ़ गया है। ग्रामीणों को डर है कि गांव में जल्द ही कोई गंभीर संचारी रोग फैल सकता है। पंचायत सदस्य हरिविलास राजपूत और ओकमदत्त ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए बताया इसी तालाब में फिसलने के कारण पूर्व प्रधान की डूबकर मृत्यु हो चुकी है। कुछ दिन पूर्व एक बुजुर्ग महिला तालाब में गिर गई थीं, जिन्हें कड़ी मशक्कत के बाद बचाया गया। एक गाय भी दलदल में फंस चुकी है। बुजुर्ग गुल्लो देवी और ज्ञान देवी ने बताया कि किनारे बने घरों के बच्चे हर समय खतरे में रहते हैं। खेल-खेल में बच्चे अक्सर फिसलकर गंदे पानी में गिर जाते हैं।
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आस्था पर चोट, मंदिर में पूजा बंद
तालाब के किनारे स्थित मंदिर और देवस्थल पूरी तरह जलमग्न हैं। सीलन के कारण मंदिरों और आसपास के घरों की दीवारें कमजोर होकर दरकने लगी हैं। गंदगी और हादसे के डर से ग्रामीणों ने मंदिर में पूजा करना तक बंद कर दिया है।
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एसडीएम की फटकार के बाद जागी बीडीओ
बुधवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण एसडीएम ऋषि राव से शिकायत करने पहुंचे। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम ने तत्काल बीडीओ को समस्या निस्तारण के निर्देश दिए।
वर्जन
शिकायत मिलने पर टीम भेजकर मौका मुआयना कराया गया है। फिलहाल सचिव को एंटीलार्वा छिड़काव और पंपिंग सेट लगाकर पानी निकासी के निर्देश दिए गए हैं। जल्द ही कार्य योजना बनाकर स्थायी समाधान और पाड़बंधी (बाउंड्री) कराई जाएगी।
— सुष्मिता यादव, बीडीओ खेरागढ़