मृतक संविदा कर्मी के शव पर बिल्लाप करती परिवार की महिलाएं।
अकोला । अकोला विद्युत उपकेंद्र पर तैनात एक युवा संविदाकर्मी की बुधवार को ड्यूटी के दौरान दर्दनाक मृत्यु हो गई। हादसा उस समय हुआ जब कर्मचारी विद्युत लाइन को सुचारू करने के लिए पेड़ की टहनियां काट रहा था। इस घटना के बाद मृतक के परिवार में चीख-पुकार मच गई है। ग्रामीणों में विभाग के खिलाफ भारी रोष है।
अकोला निवासी सुशील कुमार चाहर (28 वर्ष) पुत्र राजेंद्र सिंह, मलपुरा के गांव बरारा के समीप पेट्रोलमैन के रूप में तैनात थे। बुधवार को वह विद्युत आपूर्ति बाधित कर रहे पीपल के पेड़ की टहनियां काट रहे थे। इसी दौरान वह पास से गुजर रही 11,000 वोल्ट भांडई फीडर की हाईटेंशन लाइन की चपेट में आ गए। करंट का झटका इतना तेज था कि सुशील पेड़ से सीधे जमीन पर आ गिरे और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही भारी संख्या में ग्रामीण और परिजन मौके पर एकत्र हो गए।
प्रधान प्रतिनिधि डॉ. गंभीर सिंह चाहर, शैलेंद्र सिंह उर्फ शैली, सत्यभान सिंह और गुड्डू पहलवान आदि ग्रामीणों ने सीधे तौर पर विद्युत विभाग को इस हादसे का जिम्मेदार ठहराया है। ग्रामीणों ने मांग की है कि मृतक के आश्रितों को 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाए। मृतक की मां के भरण-पोषण के लिए पेंशन की व्यवस्था की जाए। मामले पर खेरागढ़ के अधिशासी अभियंता रामसेवक राम ने बताया कि हादसा सप्लाई लाइन को क्लियर करने के दौरान हुआ है। उन्होंने आश्वासन दिया कि विभाग की ओर से नियमानुसार जो भी अधिकतम मुआवजा राशि होगी, वह पीड़ित परिवार को जल्द उपलब्ध कराई जाएगी।