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Agra News: एकता और अहिंसा का संदेश देते हैं महात्मा बुद्ध के उपदेश, क्षेत्र के गांव मलिकपुर में किया जा रहा बुद्ध कथा का आयोजन

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फोटो 19 गांव मलिकपुर में बुद्ध कथा में बोलते कथा वाचक विनोद बाबू बौद्ध और नीलम बौद्ध। संवाद
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बेवर। क्षेत्र के गांव मलिकपुर में बुद्ध कथा का आयोजन किया जा रहा है। मंगलवार को कथा वाचक विनोद बाबू बौद्ध और नीलम बौद्ध ने तथागत गौतम बुद्ध के जन्म काल की महिमा का सुंदर वर्णन किया। उन्होंने कहा कि महात्मा बुद्ध के उपदेश समाज को एकता और अहिंसा का संदेश देते हैं।
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उन्होंने बताया कि कपिलवस्तु के राजा शुद्धोधन के घर सिद्धार्थ नामक बालक का जन्म हुआ। जब उनकी माता रानी महामाया अपने मायके देवदह जा रही थीं तभी रास्ते में स्थित सुंदर लुंबिनी वन में उन्होंने सिद्धार्थ को जन्म दिया। कथा वाचकों ने कहा कि सिद्धार्थ का जन्म संसार से दुख और अज्ञानता के अंधकार को मिटाने के लिए हुआ था। इस दौरान लला राम शाक्य, मुकेश प्रधान, ब्रजेश शाक्य, दिलीप शाक्य, भारत सिंह, विकास शाक्य, रामधनी कमल, संजीव शाक्य, गौरव शाक्य, हरीश चंद्र रहे।

भगवान बुद्ध के मार्ग पर चलकर मानव कल्याण संभव
कुसमरा। क्षेत्र के गांव नारायणपुर में बुद्ध कथा का आयोजन किया जा रहा है। कथा के चौथे दिन कथा वाचक रश्मि शाक्य और आधार शाक्य ने कहा कि भगवान बुद्ध का संदेश समाज में शांति, करुणा और समरसता पैदा करने वाला है। उनके बताए मार्ग पर चलकर ही मानव कल्याण संभव है। संगीतमय प्रस्तुतियों के बीच पंडाल में मौजूद श्रद्धालु तथागत के जयकारों से झूम उठे। इस दौरान गिरेंद्र सिंह, रक्षपाल सिंह, रामवीर सिंह, पातीराम सिंह, लालमन सिंह, रामचंद्र सिंह, खुशी लाल, धर्मेंद्र सिंह, अरदीप सिंह, पवन सिंह, ओमकार सिंह, कुलदीप सिंह रहे। संवाद
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फोटो 21 गांव सूरजपुर तिलियानी में बुद्ध कथा सुनते अनुयायी। संवाद
बच्चों को गुणवान और संस्कारी बनाना जरुरी
बिछवां। क्षेत्र के गांव सूरजपुर तिलियानी में बुद्ध कथा का आयोजन किया जा रहा है। दूसरे दिन कथावाचक उपेंद्र बौद्ध ने कहा कि माता-पिता को अपने बच्चों को को गुणवान और संस्कारी बनाना है। उन्होंने बताया कि बौद्ध धर्म के प्रवर्तक और संस्थापक और गौतम बुद्ध का जन्म लगभग 563 ईसवी पूर्व में रानी महामाया के गर्भ से वैशाख पूर्णिमा के दिन शाक्यों की राजधानी कपिलवस्तु के निकट लुंबिनी नामक वन में हुआ था, जिसकी पहचान भारत नेपाल सीमा पर स्थित रुमिन्देई से की जाती है। इस दौरान दौलत राम, मोरपाल शाक्य, आकाश, शिवांग, सत्येंद्र शाक्य, कुमदेश शाक्य, लालाराम शाक्य, उदय पाल, गौतम शाक्य, आशीष शाक्य रहे। संवाद
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