मैनपुरी। जनपद न्यायाधीश के निर्देश पर गठित न्यायिक अधिकारियों की टीम ने मंगलवार को वन स्टॉप सेंटर का निरीक्षण किया। इस दौरान आंध्र प्रदेश की एक महिला बच्चे सहित अवैध रूप से प्रवास करती मिली। कई अन्य खामियां भी सामने आईं, न्यायिक अधिकारियों ने स्पष्टीकरण मांगते हुए दो दिन में व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं।
जिला जज रूपेश रंजन के निर्देश पर गठित कमेटी के अध्यक्ष एडीजे विष्णु कुमार मिश्रा, एफटीसी न्यायाधीश कुलदीप सिंह और विधिक सेवा प्राधिकरण नूतन चौहान ने मंगलवार को 100 शय्या परिसर स्थित वन स्टॉप सेंटर का निरीक्षण किया। सेंटर पर चार पीड़िताएं संरक्षित मिलीं। इस दौरान आंध्र प्रदेश के जिला गोदावरी की रहने वाली एक महिला बच्चे के साथ मौजूद थी। जानकारी करने पर पता चला कि महिला बिना किसी अधिकारी के लिखित आदेश के सेंटर पर आश्रय लिए हुए है। लापरवाही मिलने पर पीएलवी सुमन गुप्ता से स्पष्टीकरण मांगा गया। निरीक्षण में गैस, चूल्हा बिना सिलिंडर, खाली फ्रिज मिलने पर न्यायिक अधिकारियों ने आपत्ति जताई। कहा कि एक साल में कई बार कहने के बाद भी रसोई चालू नहीं की गई। सेंटर मैनेजर ने पीड़िताओं के लिए बाहर से टिफिन में खाना आने के बारे में बताया। न्यायिक अधिकारियों ने भोजन की गुणवत्ता की जांच कर रिपोर्ट अंकित करने के निर्देश दिए। शौचालय में टोंटी से पानी टपकता मिला, खिड़कियाें में जाली लगवाने सहित अन्य कमियों को दो दिन में दूर किए जाने के निर्देश दिए।