जिला अस्पताल की प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुनीता राठौर ने बताया कि बुधवार को 2,163 नए मरीज आए। वहीं पुराने मरीज भी दिखाने पहुंचे। सबसे ज्यादा फूड पॉइजनिंग, पेट में दर्द, बुखार के मरीज बढ़े हैं। बीते 4-5 दिन से डायरिया और फूड पॉइजनिंग के मरीज सबसे ज्यादा आ रहे हैं। इनको दवा देने के साथ ही बचाव के बारे में भी बताया जा रहा है।
एसएन मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विभाग के पूर्व अध्यक्ष डॉ. नीरज यादव ने बताया कि ओपीडी में 157 बच्चे आए। इनमें पेट में दर्द, बुखार, उल्टी और दस्त के करीब 40 फीसदी रहे। बाहर के दूषित भोजन से फूड पॉइजनिंग की भी दिक्कत मिल ही है। हालत खराब मिलने पर 7-10 बच्चों को रोजाना भर्ती करना पड़ रहा है।
इन बातों का रखें ध्यान:
- घर से बाहर निकलने से पहले नाश्ता कर लें।
- पानी पीते रहें और सिर को धूप से बचाएं।
- पूरी आस्तीन के सूती और ढीले कपड़े पहनें।
- खुले और बाहर के खाने-पीने से बचें।
- ज्यादा खाना न खाएं। तले भोजन से बचें।
- तरबूज, खरबूजा, संतरा समेत रसदार फल खाएं।