आगरा। बांके से गला रेतकर युवक की हत्या करने के मामले में अभियोजन पक्ष अदालत में स्वतंत्र गवाह को अदालत में पेश नहीं कर सका। इस पर एडीजे-19 लोकेश कुमार ने ठोस साक्ष्य के अभाव में आरोपी चंद्रभान को बरी करने का आदेश दिया।
थाना कागारौल में दर्ज केस के अनुसार, नगला भुजा निवासी प्रदीप सिंह ने तहरीर दी थी। बताया था कि उनके चाचा सुरेंद्र सिंह निजी काम से घर से निकले थे। देर रात तक नहीं लौटे। 10 दिसंबर 2015 की दोपहर 3 बजे चंद्रभान सिंह की पत्नी मिथलेश ने चाचा सुरेंद्र सिंह का गला कटा शव खेत की मेड़ पर पड़ा देखा।
वह शोर मचाने लगीं। शोर सुनकर आसपास के खेतों में काम कर रहे लोग पहुंचे। तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की। विवेचना के दौरान गांव के ही आरोपी चंद्रभान सिंह को हिरासत में लिया गया। पुलिस ने बताया कि आरोपी और सुरेंद्र के बीच जमीन की रंजिश चल रही थी। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर स्वतंत्र गवाह पंकज की मौजूदगी में नीबू के पेड़ के नीचे दबे लोहे के बांके को बरामद करने का दावा किया था। कहा गया था कि इसी से गला काटा गया था।