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Agra: अब चार्टर प्लेन से ताज देख सकेंगे पर्यटक, दुविधाएं हुईं खत्म, बढ़ेंगी उड़ानें

Tue, 17 Jan 2023 10:59 PM IST
भूपेन्द्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, आगरा

सार

11 साल के लंबे इंतजार के बाद आखिर सुप्रीम कोर्ट से धनौली में नया सिविल एन्क्लेव बनाने की योजना को मंजूरी मिल गई। ताजनगरी के पर्यटन उद्योग, कारोबारियों और इन्फ्रास्ट्रक्चर से जुड़े लोगों ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा उड़ानों की संख्या बढ़ाने और एन्क्लेव के निर्माण को मंजूरी देने पर खुशी जाहिर की।
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ताजमहल में पर्यटकों की भीड़ - फोटो : PTI
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विस्तार
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आगरा के धनौली में सिविल एन्क्लेव के निर्माण से आगरा में फ्लाइट चलाने वाली एयरलाइंस कंपनियों की दुविधा खत्म हो जाएगी। वहीं घरेलू उड़ानों के साथ ताज देखने आने वाले पर्यटकों के चार्टर प्लेन की संख्या भी कई गुना बढ़ सकती है। सुप्रीम कोर्ट में इस केस की सुनवाई के बाद अब आदेश पर शहर के लोगों की निगाहें आदेश पर लगी हुई थीं। आदेश आते ही लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई।

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एयरफोर्स परिसर में मौजूद खेरिया के सिविल एन्क्लेव में एयरफोर्स की बंदिशों के कारण पर्यटकों, यात्रियों को आवाजाही में परेशानी होती है। बंगलुरू, मुंबई, भोपाल आदि शहरों की उड़ान के लिए यात्रियों को अर्जुन नगर गेट से बस में बैठकर आना और जाना पड़ता है, जबकि धनौली में प्रस्तावित एन्क्लेव में वह अन्य हवाई अड्डों की तरह सीधे टैक्सी या कार से पहुंच सकेंगे। एयरपोर्ट से एयरफोर्स के अर्जुन नगर गेट की यह एक किमी की दूरी ही यात्रियों को कड़वे अनुभव करा रही थी।

एयरपोर्ट अथॉरिटी ने सिविल एन्क्लेव को किया था ड्रॉप

धनौली में प्रस्तावित सिविल एन्क्लेव के निर्माण को साल 2019 में ही सुप्रीम कोर्ट ने मंजूरी दे दी थी, लेकिन हवाई उड़ानों की संख्या बढ़ाने पर रोक लगा दी थी। इस पर एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने इस प्रस्ताव को ड्रॉप कर दिया। सिविल एन्क्लेव के निर्माण पर 400 करोड़ रुपये खर्च होने थे। इसका पता भी तब चला जब अधिवक्ता केसी जैन ने बीते साल 22 अप्रैल को एयरपोर्ट अथॉरिटी से नए सिविल एन्क्लेव के निर्माण, बजट की राशि पर जानकारी मांगी थी। 

अथॉरिटी ने 18 मई को उन्हें बताया कि योजना को फिलहाल ड्रॉप कर दिया गया है, क्योंकि सुप्रीम कोर्ट में केस के कारण पर्यावरणीय मंजूरी प्राप्त नहीं हुई है। सुप्रीम कोर्ट में संशोधन के लिए आवेदनपत्र दायर किया गया है। पर्यावरणीय मंजूरी मिलने के बाद सिविल एन्क्लेव के निर्माण को दोबारा योजना बनाई जाएगी।

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398 करोड़ रुपये से होना था निर्माण

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धनौली में प्रस्तावित सिविल एन्क्लेव के निर्माण को 398 करोड़ रुपये की योजना तैयार की गई थी। 33,400 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में सिविल टर्मिनल का भवन बनाया जाना था। इसमें 16700 वर्गमीटर का बेसमेंट बनना था। सिविल एन्क्लेव की प्रस्तावित क्षमता 750 यात्रियों की होगी, इसमें 500 यात्री घरेलू उड़ान और 250 यात्री अंतरराष्ट्रीय उड़ान के थे। यहां चार एयरबस और 7 एटीआर विमानों के एप्रन बनाए जाने थे। 375 कारों के लिए पार्किंग बनाने का प्रस्ताव था। अब नए एनक्लेव के बन जाने के बाद इमीग्रेशन, कस्टम क्लीयरेंस, पार्किंग, शॉपिंग ऑर्किड, फूड जोन, वीआईपी लाउंज (आने-जाने वाले यात्रियों के लिए), एंटरटेनमेंट जोन बनाए जाएंगे। हवाई यात्रियों की एयरपोर्ट पर आवाजाही आसान हो जाएगी।

ताज की तरह संगमरमरी जालियों का मुख्य द्वार

ताजमहल के शहर में 11 साल से सिविल एन्क्लेव का इंतजार किया जा रहा है। चार साल पहले सुप्रीम कोर्ट की मंजूरी के बाद एयरपोर्ट अथॉरिटी ने नए एन्क्लेव के निर्माण के लिए टेंडर निकाला, जिस पर टाटा प्रोजेक्ट्स को यह काम दिया गया। टाटा प्रोजेक्ट्स ने धनौली की ओर प्रस्तावित सिविल एन्क्लेव का मुख्य द्वार इस तरह से डिजाइन किया कि इसमें ताजमहल की संगमरमरी जालियों की झलक नजर आएगी। सफेद रंग का प्रयोग इस डिजाइन में किया गया था। अब नए सिरे से डिजाइन तैयार किया जाएगा या पुराने डिजाइन पर ही नए सिरे से टेंडर जारी होगा। इस पर एयरपोर्ट अथॉरिटी ने कुछ स्पष्ट नहीं किया है।

कब-कब क्या हुआ

  • साल 2012 में मायावती सरकार ने सिविल एन्क्लेव का प्रस्ताव तैयार किया।
  • साल 2014 में सपा सरकार ने जमीन अधिग्रहण के लिए प्रस्ताव बनाया।
  • साल 2015 में फिरोजाबाद, फिर सैफई में एयरपोर्ट ले जाने की कवायद हुई।
  • साल 2016 में सिविल एन्क्लेव के प्रस्ताव पर जमीन अधिग्रहण की कार्रवाई।
  • साल 2018 में धनौली में जमीन अधिग्रहण के बाद बाउंड्री का निर्माण शुरू।
  • साल 2019 में हवाई यातायात बढ़ाने पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगाई।
  • साल 2022 में एयरपोर्ट अथारिटी ने एन्क्लेव की योजना को ड्रॉप किया।
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