धनौली में प्रस्तावित सिविल एन्क्लेव के निर्माण को 398 करोड़ रुपये की योजना तैयार की गई थी। 33,400 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में सिविल टर्मिनल का भवन बनाया जाना था। इसमें 16700 वर्गमीटर का बेसमेंट बनना था। सिविल एन्क्लेव की प्रस्तावित क्षमता 750 यात्रियों की होगी, इसमें 500 यात्री घरेलू उड़ान और 250 यात्री अंतरराष्ट्रीय उड़ान के थे। यहां चार एयरबस और 7 एटीआर विमानों के एप्रन बनाए जाने थे। 375 कारों के लिए पार्किंग बनाने का प्रस्ताव था। अब नए एनक्लेव के बन जाने के बाद इमीग्रेशन, कस्टम क्लीयरेंस, पार्किंग, शॉपिंग ऑर्किड, फूड जोन, वीआईपी लाउंज (आने-जाने वाले यात्रियों के लिए), एंटरटेनमेंट जोन बनाए जाएंगे। हवाई यात्रियों की एयरपोर्ट पर आवाजाही आसान हो जाएगी।
ताज की तरह संगमरमरी जालियों का मुख्य द्वार
ताजमहल के शहर में 11 साल से सिविल एन्क्लेव का इंतजार किया जा रहा है। चार साल पहले सुप्रीम कोर्ट की मंजूरी के बाद एयरपोर्ट अथॉरिटी ने नए एन्क्लेव के निर्माण के लिए टेंडर निकाला, जिस पर टाटा प्रोजेक्ट्स को यह काम दिया गया। टाटा प्रोजेक्ट्स ने धनौली की ओर प्रस्तावित सिविल एन्क्लेव का मुख्य द्वार इस तरह से डिजाइन किया कि इसमें ताजमहल की संगमरमरी जालियों की झलक नजर आएगी। सफेद रंग का प्रयोग इस डिजाइन में किया गया था। अब नए सिरे से डिजाइन तैयार किया जाएगा या पुराने डिजाइन पर ही नए सिरे से टेंडर जारी होगा। इस पर एयरपोर्ट अथॉरिटी ने कुछ स्पष्ट नहीं किया है।
कब-कब क्या हुआ
- साल 2012 में मायावती सरकार ने सिविल एन्क्लेव का प्रस्ताव तैयार किया।
- साल 2014 में सपा सरकार ने जमीन अधिग्रहण के लिए प्रस्ताव बनाया।
- साल 2015 में फिरोजाबाद, फिर सैफई में एयरपोर्ट ले जाने की कवायद हुई।
- साल 2016 में सिविल एन्क्लेव के प्रस्ताव पर जमीन अधिग्रहण की कार्रवाई।
- साल 2018 में धनौली में जमीन अधिग्रहण के बाद बाउंड्री का निर्माण शुरू।
- साल 2019 में हवाई यातायात बढ़ाने पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगाई।
- साल 2022 में एयरपोर्ट अथारिटी ने एन्क्लेव की योजना को ड्रॉप किया।