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सोरोंजी के कुमरऊआ से फर्रुखाबाद के कंपिल तक सूखी पड़ी है बूढ़ी गंगा

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कब आएगा बूढ़ी गंगा की धारा में पानी खबर से संबंधित फोटो- सोरोंजी में बूढ़ी गंगा की धारा में फैली ग? - फोटो : KASGANJ
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सोरोंजी(कासगंज)। सोरोंजी के कुमरऊआ से फर्रुखाबाद के कंपिल तक बूढ़ी गंगा सूखी पड़ी है। इसकी धारा को प्रवाहित करने के लिए श्रमदान और मनरेगा के माध्यम से पुनर्जीवित करने की बड़ी कवायद शुरू की गई। प्रयासों के बाद बूढ़ी गंगा के कुछ हिस्से में बरसाती पानी पहुंचा, लेकिन धारा को प्रवाहित करने का सपना कारगर नहीं हो सका। तीन वर्षों में बूढ़ी गंगा की धारा की जितनी भी सफाई और खोदाई की गई वह फिर मलबे और कूड़े से पट गई है। अब लोगों की जुबान पर यह सवाल फिर से आने लगा है कि आखिर कब बूढ़ी गंगा की धारा प्रवाहित हो सकेगी।
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अलीगढ़ जनपद के सांकरा से होकर बूढ़ी गंगा में जल का प्रवाह होता है। जिले में कुमरऊआ से बूढ़ी गंगा की धारा शुरू हो जाती है जो फर्रुखाबाद के कंपिल तक जाती है, लेकिन सांकरा और कुमरऊआ के बीच ही बूढ़ी गंगा की धारा में जगह जगह बाधाएं हैं। यहां पुलियां बंद हैं। धारा की तलहटी में घास, कूड़ा, मिट्टी पड़ी हुई है। जगह-जगह नदी के बहाव क्षेत्र में अतिक्रमण है।
तत्कालीन जिलाधिकारी सीपी सिंह ने वर्ष 2019 में बूढ़ी गंगा की धारा को पुनजीर्वित करने के अभियान को धार दी और उन्होंने पहले ही वर्ष में सफाई और खोदाई का कार्य कराकर धारा को सही कराया, लेकिन अलीगढ़ जनपद के सांकरा क्षेत्र में कोई कार्य नहीं हुआ। जिससे कुमरऊआ की ओर धारा को प्रवाह नहीं मिल सका और अतिक्रमणकारियों ने धारा क्षेत्र की जमीन से कब्जे भी नहीं हटाए। जिससे यह योजना परवान नहीं चढ़ सकी।
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